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उत्तराखंड: खेल रहे नौ साल के मासूम को गुलदार ने बनाया निवाला, दो बहनों का था इकलौता भाई

Mon, 09 Dec 2019 10:14 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार/ सतपुली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार/ सतपुली Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 09 Dec 2019 10:14 AM IST
सार

  • पोखड़ा ब्लाक के देवकुंडई गांव में रविवार शाम छह बजे की घटना
  • मां के साथ गोशाला में गया था मासूम, मां गाय का दूध निकाल रही थी वह खेल रहा था  
  • गढ़वाल वन प्रभाग की टीम को डीएम पौड़ी ने किया गांव के लिए रवाना 
     

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Leopard killed nine year old boy child in kotdwar only son in family
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड के कोटद्वार की बहादुर बच्ची राखी रावत के गांव देवकुंडई में रविवार शाम घर के पास गोशाला में खेल रहे एक नौ साल के मासूम अनिकेत को गुलदार ने मौत के घाट उतार दिया। गुलदार के बच्चे को मारने की इस घटना से देवकुंडई समेत पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। गांव में मातम छाया हुआ है, बच्चे के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। 

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ग्रामीण हर्षपाल सिंह रावत ने बताया कि रविवार शाम करीब छह बजे देवकुंडई निवासी बलवंत सिंह की पत्नी ज्योति देवी घर से 200 मीटर दूर स्थित गोशाला में दूध दुह रही थी। उनका नौ वर्षीय बेटा अनिकेत पास ही में खेल रहा था। तभी गुलदार ने अचानक अनिकेत पर हमला कर दिया।
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बच्चे के चिल्लाने पर मां ज्योति देवी गोशाला से बाहर की ओर भागी और उसने चिल्लाना शुरू कर दिया। मां के चिल्लाने की आवाज सुनकर गुलदार तो भाग गया, लेकिन तब तक मासूम ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत से गांव और निकटवर्ती क्षेत्र में दहशत फैल गई है।
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अनिकेत दो बहनों का इलौता भाई था और वह राजकीय प्राथमिक विद्यालय भैंसवाड़ा में कक्षा चौथी का छात्र था। खबर लिखे जाने तक वन विभाग का कोई कर्मचारी गांव नहीं पहुंचा था। क्षेत्रीय विधायक एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने मामले में जिलाधिकारी से फोन पर बात कर बच्चे का पोस्टमार्टम गांव में ही करवाने और पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।

उधर, जिलाधिकारी पौड़ी धीराज गर्ब्याल ने बताया कि उनको देवकुंडई गांव में एक बच्चे को गुलदार ने मारने की जानकारी मिली है। डीएफओ को तत्काल वन कर्मियों को लेकर गांव पहुंचने, गांव में पिजरा लगाने और सुरक्षा के लिए वन कर्मियों की गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। 

इससे पहले क्षेत्र में गुलदार कर चुका है बच्चों पर हमला 

पांच अक्टूबर को इसी देवकुंडई गांव में गुलदार एक मासूम बच्चे और उसकी बहन पर हमला कर चुका है। दिन के दो बजे 11 वर्षीय राखी रावत अपने छोटे पांच वर्षीय भाई राघव को कंधे पर बैठाकर अपनी मां के साथ खेत से घर लौट रही थी।

तभी घात लगाकर बैठे गुलदार ने भाई पर हमला कर दिया। भाई पर झपटा मारने के बाद बहन राखी रावत ने जान की बाजी लगाकर भाई के ऊपर लेट गई थी। जिसमें गुलदार ने उसे बुरी तरह से घायल कर दिया था। राखी का नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भेजा गया है। 

15 अक्टूबर को भी इसी क्षेत्र के कस्याणी गांव में शाम छह बजे चार वर्षीय मासूम शुभम घर की रसोई में अपने परिजनों के साथ बैठा हुआ था। तभी गुलदार रसोई में घुस गया। उसने बच्चे को उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह गुलदार के पंजे में नहीं आ सका, दूसरा हमला करने से पहले परिजनों के हो हल्ले के बाद गुलदार बच्चे को छोड़कर भाग गया। बच्चे को मामूली खंरोच आई थी। 

श्रीनगर के डांग गांव में स्टोर में घुसा गुलदार का शावक, जंगल में छोड़ा

श्रीनगर शहर के डांग मुहल्ले में घर के समीप अस्थायी स्टोर में घुसे गुलदार के शावक को वन विभाग की टीम ने समीप के जंगल में छोड़ दिया। शावक की मां डांग के समीप ही जंगल में घूम रही थी। घटना से भयभीत लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त की व्यवस्था किए जाने की मांग की है। 

रविवार सुबह लगभग छह बजे डांग-धोबीघाट मार्ग पर एक घर के पास लोगों ने गुलदार और उसके शावक को घूमते हुए देखा। गुलदार रात भर यहां एक घर के बाहर बने अस्थायी स्टोर रूम में शावक के साथ रही। सुबह होने पर जब गुलदार जंगल की ओर जाने लगी, तो शावक ऊंची दीवार को नहीं फांद पाया और वह स्टोर में ही फंस गया।  

स्थानीय निवासी महावीर और कुलदीप ने बताया कि शोर मचाने पर मादा गुलदार जंगल की ओर भाग गई, लेकिन शावक के बस्ती में रहने के वजह से जंगल में ज्यादा दूर नहीं गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इससे पूर्व स्थानीय निवासियों ने शावक को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन भय से वह पीछे हट गए। स्थानीय निवासियों की मदद से वनकर्मियों ने लगभग 15 मिनट की मशक्कत के बाद शावक को फंदे में कैद कर लिया।

यहां से वन कर्मी उसे समीप के जंगल में छोड़ आए। रेंजर अजय लिंगवाल ने बताया कि शावक की उम्र लगभग तीन माह होगी। उसको जंगल में  छोड़ दिया गया है। जरूरत पड़ी, तो क्षेत्र में गश्त की जाएगी।
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