Uttarakhand News: कुत्ते का शिकार करने घर में घुसा तेंदुआ खुद हो गया कैद, दरवाजा बंद कर भागे परिजन
तेंदुआ के शिकार के लिए घर में घुसा तो कुत्ते ने भौंकना शुरू कर दिया। कुत्ते की आवाज सुनकर सभी लोग जाग गए और तेंदुआ बाहर जाने का रास्ता ढूंढने लगा। वनकर्मियों ने तेंदुए को पिंजरे में कैद करने की कोशिश की लेकिन वह पिंजरे में कैद नहीं हो सका।
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कुत्ते को निवाला बनाने के लिए घर में घुसा तेंदुआ भवन स्वामी की सतर्कता से खुद कैद हो गया। इस दौरान घर के सदस्यों की जान सांसत में रही। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने किसी तरह तेंदुए को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया।
विकासखंड कोटाबाग के पर्वतीय गांव फतेहपुर निवासी लक्ष्मी दत्त सनवाल का परिवार शनिवार रात घर में सो रहा था जबकि उनकी पत्नी बाहर वाले कमरे में सो रही थी। दरवाजा थोड़ा सा खुला था और घर में एक कुत्ता भी था। तेंदुआ शिकार के लिए घर में घुसा तो कुत्ते ने भौंकना शुरू कर दिया। कुत्ते की आवाज सुनकर सभी लोग जाग गए और घर में कमरे अधिक होने के कारण तेंदुआ घबराकर बाहर जाने का रास्ता ढूंढने लगा।
इसी दौरान घर के सदस्य कुत्ते को साथ लेकर बाहर निकल गए और दरवाजा बंद कर तेंदुए को कमरे में कैद कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपने पड़ोसी चंद्रप्रकाश सनवाल को फोन पर मामले सूचना दी। चंद्रप्रकाश की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी ख्यालीराम आर्य फतेहपुर और पवलगढ़ रेंज के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे।
वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया तेंदुआ
वनकर्मियों ने तेंदुए को पिंजरे में कैद करने की कोशिश की लेकिन वह पिंजरे में कैद नहीं हो सका। सुबह करीब पांच बजे तेंदुए को ट्रेंक्यूलाइज कर पिंजरे में डालकर आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
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फतेहपुर गांव के एक घर में घुसी मादा तेंदुआ की उम्र लगभग चार-पांच साल होगी। वनकर्मियों ने ट्रेंक्यूलाइज कर तेंदुए को सुरक्षित आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया है। तेंदुआ पूर्ण रूप से स्वस्थ है। - ख्यालीराम आर्य, वन क्षेत्राधिकारी, कालाढूंगी