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सरकारी वकील पांच लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 06 Dec 2016 02:40 PM IST
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एडीजीसी क्रिमिनल अशोक उभान को पांच लाख की रिश्वत लेते कचहरी में उनके चैम्बर से गिरफ्तार किया गया। लेकिन थोड़ी देर में वहां आई भीड़ ने उन्हें छुड़ा लिया, जिसमे कई वकील शामिल थे।
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उत्तराखंड की सबसे बड़े कोर्ट में सरकारी वकील को ट्रैप करने पहुंची विजिलेंस टीम को वकीलों के भारी विरोध के बाद बिना कार्रवाई के वापस जाना पड़ा। बाद में वकीलों ने हंगामा करते हुए विजिलेंस के खिलाफ नारेबाजी की।
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पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक एक सरकारी वकील किसी मुकदमे में सजा कम करने के एवज में करीब पांच लाख की रिश्वत ले रहे थे। इसकी जानकारी विजिलेंस को लगी तो ट्रैप टीम वकील के चैम्बर पर आ धमकी।
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जहां ट्रैप की कार्रवाई की भनक लगने पर वकील ने विरोध शुरु कर दिया। इसी दौरान कुछ वकीलों को इसकी जानकारी लगी तो वह विजिलेंस की कार्रवाई का विरोध करने लगे। काफी हंगामे के बाद वकील आरोपी को विजिलेंस से छुड़वा ले गए।
एडीजी अशोक कुमार ने एसएसपी ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि एडीजीसी क्रिमिनल अशोक उभान को पांच लाख की रिश्वत लेते कचहरी में उनके चैम्बर से गिरफ्तार किया गया। लेकिन थोड़ी देर में वहां आई भीड़ ने उन्हें छुड़ा लिया, जिसमे कई वकील शामिल थे।
एडीजी ने कहा कि ट्रैप के दौरान 5 लाख रूपये की नई करेंसी बरामद हुई है। मामले में सरकारी वकील पर रिश्वत लेने का मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि उसे छुड़ाने के मामले में अज्ञात लोगों पर भी सरकारी कार्य में बाधा व आरोपी को छुड़ाने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
एडीजी ने बताया कि प्रेमनगर के वेद प्रकाश गुप्ता ने 1 दिसम्बर को उन्हें सूचना दी की धोखाधड़ी के एक मामले में उसे निचली अदालत में तीन साल की सजा हुई है, जिसमे ऊपरी अदालत में अपील की गई है।
मामले में अशोक उभान विपक्षी पार्टी के वकील है। अशोक ने सजा खत्म कराने के लिए कमजोर पैरवी करने के लिए सात लाख रूपये की मांग की थी। मंगलवार को वह उनके चैम्बर में रूपये दे रहा था, जहां अशोक उभान को रुपये गिनते रंगे हाथ पकड़ा गया।