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सरोगेसी से हुए जुड़वा बच्चे, तो महिला ने पार कर डाली धोखेबाजी की सारी हदें, और अब...

Thu, 08 Mar 2018 07:19 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 08 Mar 2018 07:19 AM IST
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Lawsuit filed on surrogate mother in Rishikesh
सरोगेसी

सरोगेसी से हुए जुड़वा बच्चों देखकर मां का दिल ऐसा बदला कि उसने धोखेबाजी की सारी हदें पार कर डाली। इस पूरे प्रकरण में एसटीएफ की जांच रिपोर्ट के आधार पर ऋषिकेश कोतवाली में सरोगेसी मां के खिलाफ जालसाजी की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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महिला पर जुड़वा बच्चों में से एक मृत दर्शाकर छिपाने का आरोप है। गर्भधारण से लेकर डिलीवरी तक के खर्च के अलावा महिला ने इसके बदले ढाई लाख की रकम वसूली थी। पुलिस अब एसटीएफ के साथ बच्चे की बरामदगी को लेकर वेस्ट बंगाल जाने की तैयारी में है। डीएनए मिलान के बाद बच्चे की किस्मत का फैसला हो जाएगा।
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देहरादून के मोहकमपुर निवासी शख्स ने ऋषिकेश कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने बताया कि शादी के कई वर्ष बाद तक संतान की प्राप्ति नहीं हुई। उन्होंने 2014 में सरोगेसी से औलाद प्राप्त करने का फैसला लिया।
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मेरठ की एक महिला से स्टांप पर हुए अनुबंध के आधार पर टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर की मदद से महिला के गर्भ में भ्रूण प्रत्यारोपित किया गया। तीन माह बाद कराए गए अल्ट्रासाउंड में गर्भ में तीन भ्रूण जीवित अवस्था में होने का पता चला।

एक साल में जाकर हुई सुनवाई

Lawsuit filed on surrogate mother in Rishikesh
demo pic - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद महिला कुछ दिन के लिए गायब हो गई। 22 जून 2015 को महिला एक बच्चे के साथ सामने आई। बताया कि दूसरा बच्चा मृत अवस्था में हुआ था। विश्वास कर समझौते के अनुसार एक बच्चा लेकर ढाई लाख रुपये दे दिए गए। बाद में पता चला कि दूसरा बच्चा भी जीवित है। उनकी धर्मपत्नी ने महिला से बात कर दूसरा बच्चा भी देने को कहा, मगर उसने मना कर दिया।

एक साल में जाकर हुई सुनवाई
दंपति एक साल से दूसरे बच्चे के जीवित होने का दावा करते आ रहे हैं, मगर अब जाकर उनकी बात को सही माना गया। एक बार तो ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने उनकी बात को झुठला कर मामला थाने से ही निपटा दिया था। लेकिन पीड़ित ने हिम्मत नहीं हारी, उन्होंने एसटीएफ एसएसपी रिद्धिमा अग्रवाल से मिलकर अपनी पीड़ा बताई। अग्रवाल ने टीम गठित कर 2014 के इस मामले को खंगालना शुरू कर दिया। आखिर में दंपति की बात सही साबित हुई। उसी आधार पर एसटीएफ एसएसपी ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।

सरोगेसी से हुए जुड़वा बच्चों के मामले में ऋषिकेश पुलिस ने जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसटीएफ के साथ मंत्रणा कर इस मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- सरिता डोभाल, पुलिस अधीक्षक देहात
 

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