फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   last day of kanwar mela.

कांवड़ मेला: आखिरी दिन लगी भोले के भक्तों की भीड़

Wed, 12 Aug 2015 12:55 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार Updated Wed, 12 Aug 2015 12:55 PM IST
विज्ञापन
last day of kanwar mela.

कावड़ मेले की आस्था के सैलाब में पूरा हरिद्वार कांवड़मय नजर आया। चारों दिशाओं से भोले के जयकारे एवं उद्घोष सुनाई दिए।

विज्ञापन


हाईवे से चौपहिया-दुपहिया वाहनों के सैलाब की निकासी मंगलवार रात तक होती रही। गली कूंचों से भी दुपहिया वाहन फर्राटा भरते रहे। बड़ी संख्या में आमद भी होती रही। जबकि विशाल डाक कांवड़ वाहन रेंग-रेंग कर निकलते रहे।

कांवड़ मेले के आज (बुधवार) अंतिम दिन होने के चलते बड़ी संख्या में शिवभक्त धर्मनगरी में कांवड़ भरने पहुंचेंगे। ऐसे में पुलिस प्रशासन के सामने वाहनों को निकालने की चुनौती रहेगी। हरकी पैड़ी के छह किलोमीटर दायरे में कोई भी वाहन नहीं चलेगा।
विज्ञापन


पुलिस ने आखिरी दिन बदली रणनीति
अप्रत्याशित डाक कांवड़ वाहन के उमड़ने पर हरिद्वार पुलिस ने आखिरी दिन अपनी रणनीति बदली। आनन-फानन में हिल बाईपास मार्ग भी खुलवा दिया। उत्तरी हरिद्वार से दुपहिया वाहन को इस मार्ग पर डायवर्ट कर सीधे भेल की ओर निकाला। भेल से उनकी वापसी सिडकुल से करवाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


ललतारौ पुल से दुपहिया वाहन पुराना औद्योगिक क्षेत्र मार्ग से भेल की ओर निकाले गए। हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर चौपहिया एवं दुपहिया वाहन एक साथ दौड़ते रहे।

हरिद्वार आ रहे दुपहिया वाहन रुड़की से कांवड़ पटरी होते हुए पहुंचे और अलकनंदा पार्किंग में पार्क कराए गए। बड़े डाक कांवड़ वाहन वाया लक्सर मार्ग होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग में पार्क कराए। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को दुपहिया वाहनों को निकालने की चुनौती रहेगी।

दो प्वाइंट ने पुलिस को उलझाया

last day of kanwar mela.

मंगलवार को यातायात के लिहाज से शंकराचार्य चौक एवं श्रद्धानंद चौक (सिंहद्वार) पर रेलमपेल रही। यह वह दो प्वाइंट थे जहां यातायात की रफ्तार बेहद सुस्त रही। हालांकि, जाम न लगने देने के लिए पुलिस प्रयास कर रही थी लेकिन सैलाब के आगे व्यवस्था एक बारगी बौनी दिखाई दी।

दुपहिया वाहन भी सीधे कांवड़ पटरी से शंकराचार्य चौक पर टक्कर दे रहे थे। लेकिन फिर भी पुलिसकर्मी लगातार कांवड़ियों से उलझकर उन्हें आगे धकेलते रहे। कमोवेश यही हाल श्रद्धांनद चौक पर रहा। यहां भी पुलिस अधिकारी कांवड़ियों से उलझते रहे।

यूं बिगड़ी व्यवस्था
ऋषिकेश से भारी संख्या में डाक कांवड़ हाईवे पर पहुंच ने से मंगलवार को यातायात व्यवस्था पटरी से बीच-बीच में उतरती रही।  यह सभी डाक कांवड़ नीलकंठ महादेव के दरबार में मत्था टेकने के लिए जाते हैं। शंकराचार्य चौक से लेकर रायवाला से भी आगे तक डाक कांवड़ वाहनों की कतारें लगी रही।

15 किमी दूरी तय करने में आठ घंटे लगे

कांवड़ लेने उमड़ी भारी भीड़ के सामने पुलिस की व्यवस्था एक बारगी ध्वस्त नजर आई। सोमवार रात गंतव्य जाने को रवाना हुए डाक कांवड़ियों से शांतिकुंज-हरकी पैड़ी से लेकर नारसन बार्डर तक जाम लग गया।

पूरी रात 15 किमी की दूरी पार करने में आठ घंटे से अधिक का समय चालकों को लगा। भीड़ की वजह से शहर में दूध, ब्रेड, सब्जी-फल जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई भी नहीं हो पाई। डीएम एचसी सेमवाल ने बताया कि शाम को पार्किंगों के फंसे वाहनों को निकलवाया। इसके अलावा नारसन बार्डर तक निरीक्षण किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed