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Dehradun News: फैक्टरी में भारी मात्रा में मिले ज्वलनशील पदार्थ, आग बुझाने के इंतजाम नहीं
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सेलाकुई में फार्मा सिटी स्थित एक फैक्टरी में जांच के दौरान भारी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ मिले, लेकिन आग बुझाने के इंतजाम नहीं थे। जांच में यह भी पता चला कि छह साल से संचालित कंपनी के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं है। विभाग कंपनी को नोटिस जारी करने के बाद कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
मंगलवार को अग्निशमन विभाग के स्टेशन के प्रभारी एफएसओ ईशम सिंह ने सेलाकुई स्थित सीयू-वी-कार जेनेटिक्स मेडिसिन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान फैक्टरी में आइसोप्रोपिल अल्कोहल के 200 लीटर के 35 ड्रम और एथेनॉल की 50 पेटी मिली। इसके अलावा कंपनी में गत्ते की पेटियों में पैकिंग और एलपीजी गैस का भी प्रयोग हो रहा था। प्रभारी एफएसओ ने जब जांच की तो फैक्टरी में केवल बाहर तीन फायर एक्सटिंग्विशर मिले। कंपनी के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति पत्र भी नहीं था। जबकि फैक्टरी वर्ष 2018 से संचालित की जा रही थी। फैक्टरी के द्वितीय तल में आने जाने के लिए केवल एक ही रास्ता था। कंपनी में करीब 80 से 90 कर्मचारी कार्यरत मिले।
प्रभारी एफएसओ ने बताया कि आइसोप्रोपिल अल्कोहल और एथेनॉल बेहद ज्वलनशील होते हैं। बताया कि फैक्टरी में वाॅटर स्प्रिंकलर, स्मोक डिटेक्टर, फायर हाइड्रेंट होने चाहिए थे, लेकिन पर्याप्त फायर एक्सटिंग्विशर भी नहीं थे। बताया कि आग लगने की स्थिति में फैक्टरी में जान माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। उन्होंने बताया कि प्लांट हेड रविचंद्रम और मैनेजर बाबूराम को कंपनी के नाम नोटिस दिया गया है। बताया कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी को सख्त कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जा रहा है।
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मंगलवार को अग्निशमन विभाग के स्टेशन के प्रभारी एफएसओ ईशम सिंह ने सेलाकुई स्थित सीयू-वी-कार जेनेटिक्स मेडिसिन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान फैक्टरी में आइसोप्रोपिल अल्कोहल के 200 लीटर के 35 ड्रम और एथेनॉल की 50 पेटी मिली। इसके अलावा कंपनी में गत्ते की पेटियों में पैकिंग और एलपीजी गैस का भी प्रयोग हो रहा था। प्रभारी एफएसओ ने जब जांच की तो फैक्टरी में केवल बाहर तीन फायर एक्सटिंग्विशर मिले। कंपनी के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति पत्र भी नहीं था। जबकि फैक्टरी वर्ष 2018 से संचालित की जा रही थी। फैक्टरी के द्वितीय तल में आने जाने के लिए केवल एक ही रास्ता था। कंपनी में करीब 80 से 90 कर्मचारी कार्यरत मिले।
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प्रभारी एफएसओ ने बताया कि आइसोप्रोपिल अल्कोहल और एथेनॉल बेहद ज्वलनशील होते हैं। बताया कि फैक्टरी में वाॅटर स्प्रिंकलर, स्मोक डिटेक्टर, फायर हाइड्रेंट होने चाहिए थे, लेकिन पर्याप्त फायर एक्सटिंग्विशर भी नहीं थे। बताया कि आग लगने की स्थिति में फैक्टरी में जान माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। उन्होंने बताया कि प्लांट हेड रविचंद्रम और मैनेजर बाबूराम को कंपनी के नाम नोटिस दिया गया है। बताया कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी को सख्त कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जा रहा है।
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