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नाबालिग को बंधक बनाकर उत्पीड़न करने वाली जज दीपाली शर्मा को झटका, हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

Tue, 13 Mar 2018 08:51 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नैनीताल Updated Tue, 13 Mar 2018 08:51 PM IST
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 lady civil judge deepali sharma get no relief from high court in girl exploitation

उच्च न्यायालय ने हरिद्वार की निलंबित सिविल जज दीपाली शर्मा की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के मामले में सरकार को 20 मार्च तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

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29 जनवरी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरिद्वार ने एसएसपी हरिद्वार को नाबालिग की बरामदगी के निर्देश दिए थे। एसएसपी हरिद्वार की टीम ने नाबालिग को सिविल जज के सरकारी आवास से बरामद कराया था।
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नाबालिग ने पूछताछ में खुद को पदमपुरी नैनीताल निवासी बताया था और महिला चिकित्सालय हरिद्वार में हुई जांच में नाबालिग के शरीर पर 20 से अधिक चोटों की पुष्टि हुई थी। इसके बाद नाबालिग को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया और मेडिकल रिपोर्ट की प्रतिलिपि जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंपी गई।
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 lady civil judge deepali sharma get no relief from high court in girl exploitation

आरोप था कि नाबालिग को सिविल जज ने बंधक बनाकर रखा और उसका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया। मामले में जिला जज ने सिडकुल हरिद्वार थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।

इसके बाद जिला जज की रिपोर्ट के आधार पर ही उच्च न्यायालय ने सिविल जज को निलंबित किया था। शिकायती पत्र के आधार पर मुख्य न्यायाधीश ने जिला जज हरिद्वार को जांच कराने के निर्देश दिए थे। गिरफ्तारी से बचने व प्राथमिकी निरस्त करने की मांग को लेकर सिविल जज ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

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