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दून अस्पताल में स्टाफ का टोटा, गड़बड़ा रही व्यवस्थाएं
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दून अस्पताल के दवाई काउंटर में लगी लोगों की भीड़।सँवाद
- फोटो : DEHRADUN
स्टाफ की कमी से दून अस्पताल की व्यवस्थाएं गड़बड़ाने लगी हैं, जिससे मरीजों को समुचित सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं। वहीं, वर्तमान में कार्यरत स्टाफ भी अतिरिक्त के काम से परेेशान है। अस्पताल में ट्रॉमा वार्ड से लेकर जनरल वार्ड तक के सफल संचालन में दिक्कतें आ रहीं हैं।
तमाम विभागाध्यक्षों और कई संवर्ग की ओर से इसे लेकर अस्पताल प्रबंधन को अवगत कराया जा चुका है। साथ ही जरूरी स्टाफ न होने पर कुछ वार्ड को फिलहाल स्थगित करने की बात कही गई है। कर्मचारियों की कमी से ट्रॉमा वार्ड, आईसीयू, डेंटल ओपीडी, ईएनटी विभाग समेत अन्य कई विभागों और वार्ड आदि का संचालन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। विभागों के विभागाध्यक्ष और सहायक नर्सिंग अधीक्षिका ने इस बाबत चिकित्साधीक्षक को पत्र लिखा है।
अस्पताल में अधिकतर वार्ड स्टाफ की कमी के कारण फिलहाल नहीं संचालित हो रहे हैं। बुधवार (चार मई) को भी वार्ड संख्या पांच और वीवीआईपी वार्ड की सिस्टर इंचार्ज द्वारा चिकित्साधीक्षक को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया कि स्टाफ नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की कमी के कारण वार्ड के संचालन में दिक्कत आ रही हैं। उन्होंने वार्ड को स्थगित करने के लिए अनुरोध किया है।
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ये है स्थिति---
कोरोनाकाल में दून अस्पताल में ज्यादा वार्डों व बेड की व्यवस्था को सक्रिय करते हुए उपनल और पीआरडी के माध्यम से आउटसोर्स से अतिरिक्त कर्मचारी भी रखे गए थे। जिन्हें एक अप्रैल को हटाया जा चुका है। दून अस्पताल में वर्तमान में 756 बेड के सापेक्ष 69 स्टाफ नर्स और 41 सिस्टर इंचार्ज कार्यरत हैं। जिसमें 21 वार्ड, पांच ऑपरेशन थियेटर, 31 बेड का आईसीयू और 33 बेड का पीआईसीयू का संचालन किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन भी मान रहा कि संचालन में मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।
चिकित्सा अधीक्षक ने मांगा अतिरिक्त स्टाफ---
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य को पत्र लिखकर अतिशीघ्र जरूरी स्टाफ की वैकल्पिक व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है, ताकि सभी वार्डों का सफल संचालन किया जा सके। प्राचार्य ने भी निदेशालय और शासन को वस्तुस्थिति के बारे में अवगत कराते हुए मार्गदर्शन मांगा है।
- डॉ. केसी पंत, चिकित्साधीक्षक, दून अस्पताल
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तमाम विभागाध्यक्षों और कई संवर्ग की ओर से इसे लेकर अस्पताल प्रबंधन को अवगत कराया जा चुका है। साथ ही जरूरी स्टाफ न होने पर कुछ वार्ड को फिलहाल स्थगित करने की बात कही गई है। कर्मचारियों की कमी से ट्रॉमा वार्ड, आईसीयू, डेंटल ओपीडी, ईएनटी विभाग समेत अन्य कई विभागों और वार्ड आदि का संचालन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। विभागों के विभागाध्यक्ष और सहायक नर्सिंग अधीक्षिका ने इस बाबत चिकित्साधीक्षक को पत्र लिखा है।
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अस्पताल में अधिकतर वार्ड स्टाफ की कमी के कारण फिलहाल नहीं संचालित हो रहे हैं। बुधवार (चार मई) को भी वार्ड संख्या पांच और वीवीआईपी वार्ड की सिस्टर इंचार्ज द्वारा चिकित्साधीक्षक को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया कि स्टाफ नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की कमी के कारण वार्ड के संचालन में दिक्कत आ रही हैं। उन्होंने वार्ड को स्थगित करने के लिए अनुरोध किया है।
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ये है स्थिति---
कोरोनाकाल में दून अस्पताल में ज्यादा वार्डों व बेड की व्यवस्था को सक्रिय करते हुए उपनल और पीआरडी के माध्यम से आउटसोर्स से अतिरिक्त कर्मचारी भी रखे गए थे। जिन्हें एक अप्रैल को हटाया जा चुका है। दून अस्पताल में वर्तमान में 756 बेड के सापेक्ष 69 स्टाफ नर्स और 41 सिस्टर इंचार्ज कार्यरत हैं। जिसमें 21 वार्ड, पांच ऑपरेशन थियेटर, 31 बेड का आईसीयू और 33 बेड का पीआईसीयू का संचालन किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन भी मान रहा कि संचालन में मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।
चिकित्सा अधीक्षक ने मांगा अतिरिक्त स्टाफ---
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य को पत्र लिखकर अतिशीघ्र जरूरी स्टाफ की वैकल्पिक व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है, ताकि सभी वार्डों का सफल संचालन किया जा सके। प्राचार्य ने भी निदेशालय और शासन को वस्तुस्थिति के बारे में अवगत कराते हुए मार्गदर्शन मांगा है।
- डॉ. केसी पंत, चिकित्साधीक्षक, दून अस्पताल