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Kumbh Mela 2021: आस्था और विश्वास का कुंभ वर्ष आज से, 11 मार्च को शिवरात्रि पर पहला शाही स्नान

Fri, 01 Jan 2021 02:16 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 01 Jan 2021 02:16 AM IST
सार

  • उत्सवों से भरा होगा 2021,  देश और विदेश के श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सज संवर रही कुंभनगरी 

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Kumbh Mela 2021: Kumbh Year Start From today, First Shahi Snan on 11th March
हरकी पैड़ी - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

गंगा के प्रति श्रद्धा और विश्वास से भरा कुंभ वर्ष आज से शुरू हो रहा है। इस वर्ष देश-विदेश से अमृत गंगा में डुबकी लगाने श्रद्धालु हरिद्वार आएंगे। कई लक्खी महापर्वों से वर्षभर जीवंत रहने वाली धर्मनगरी नए साल में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सज संवर रही है। 

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वर्ष का मुख्य आकर्षण शताब्दी का दूसरा पूर्ण कुंभ होगा। कोरोना की वैक्सीन आने के बाद उम्मीद है कि विश्वभर के श्रद्धालु हरिद्वार आएंगे। ग्रहों की चाल के चलते यह कुंभ 12 के बजाय 11वें वर्ष में पड़ रहा है। कुंभ मेलाकाल भी 48 दिन ही है। बृहस्पति और सूर्य के संयोग से बने कुंभ पर कुल चार शाही स्नान होंगे। इन स्नानों पर 13 अखाड़े लाखों की संख्या में जमात निकालकर स्नान करने के लिए हरकी पैड़ी आएंगे।
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यह भी पढ़ें: Kumbh Mela 2021: पंजीकरण के बाद ही मिलेगा मेला क्षेत्र में प्रवेश, श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य
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पहला शाही स्नान 11 मार्च शिवरात्रि, दूसरा शाही स्नान 12 अप्रैल सोमवती अमावस्या और तीसरा मुख्य शाही स्नान 14 अप्रैल मेष संक्रांति पर पड़ेगा। तीनों स्नानों पर सभी तेरह अखाड़े स्नान करते हैं। जबकि चौथा शाही स्नान बैसाख पूर्णिमा के दिन 27 अप्रैल को भी पड़ेगा। लेकिन उस स्नान पर केवल बैरागियों की तीन अणियां स्नान करेंगी। यह स्नान संन्यासी अखाड़े नहीं करते। 



हरिद्वार कुंभ का आयोजन बृहस्पति के कुंभ राशि और सूर्य के मेष राशि में आने पर होता है। सूर्य प्रत्येक वर्ष 14 अप्रैल को मेष राशि में आते हैं। जबकि बृहस्पति प्रत्येक बारह वर्ष बाद कुंभ राशि में आते हैं। इस बार 11वें वर्ष आगामी पांच अप्रैल को आ रहे हैं। कुंभ के मुख्य स्नान पर्व 14 अप्रैल को बना योग एक महीने तक बना रहेगा। यह नया साल उत्सवों से भरा होगा। 

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सरकार के प्रयासों की सराहना की 

पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने दक्षिण काली मंदिर में पूजा अर्चना कर देश को कोरोना मुक्त करने की कामना की। स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने मां की चुनरी व नारियल भेंटकर उमा भारती का स्वागत किया। उमा भारती ने कोरोना के बीच कराए जा रहे कुंभ कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। कहा कि कोरोना महामारी के बीच कुंभ की तैयारियां करना कठिन चुनौती है। इसके बावजूद सरकार कुंभ कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। सरकार के प्रयास सराहनीय हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि संत महापुुरुषों के तप और बल से कुंभ मेला सकुशल और भव्य रूप से संपन्न होगा। कोरोना की रोकथाम के लिए भी केंद्र और राज्य सरकार निरंतर कदम उठा रही हैं। कोरोना का टीका लगभग तैयार कर लिया गया है। जल्द ही देश में टीकाकरण अभियान भी शुरू होने वाला है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि कोरोना जल्द समाप्त हो जाएगा और कुंभ मेला पूरी दिव्यता और भव्यता से संपन्न होगा।

दक्षिण काली के पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के अथक प्रयासों और संत समाज के समन्वय से कुंभ मेला निर्विघ्न रूप से संपन्न होगा। सरकार विकास कार्यों के साथ साथ कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रयास कर रही है। मां दक्षिण काली की पूजा अर्चना व सच्चे मन से की गई आराधना अवश्य ही कोरोना संक्रमण को रोकने में कारगर होगी। उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय उमा भारती सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के उत्थान में निरंतर योगदान कर रही हैं। 

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