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शिलगुर देवता के जागड़ा पर्व में उमड़ा आस्था का सैलाब
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अस्टी गांव में आयोजित जागड़ा पर्व पर कुकर्शी देवता के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु।
- फोटो : VIKAS NAGAR
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खत बमठाड़ के अस्टी और खत शैली के संवाई गांव में बृहस्पतिवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। अस्टी गांव में कुकर्शी देवता ने जहां 400 साल बाद नवनिर्मित मंदिर में प्रवेश किया, वहीं संवाई गांव में भी शिलगुर देवता की पालकी को नवनिर्मित मंदिर में प्रवेश कराया गया। इस दौरान दोनों ही जगहों पर देव पल का साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुुंचे। दोनों जगहों पर जागड़ा पर्व मनाया गया।
संवाई गांव में देव डोली के गांव में प्रवेश करते ही माहौल शिलगुर महाराज के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। देव डोली को कंधे पर उठाने के लिए श्रद्धालु आतुर नजर आए। यहां करीब 18 साल बाद देव जागड़े का आयोजन किया गया। लोगों ने फूल-मालाओं के साथ देव डोली का स्वागत किया। देव दर्शन कर सुख और समृद्धि की कामना की गई। शाम तीन बजे देव पालकी और चिह्नों को नवनिर्मित मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कराया गया। इस मौके पर आकाश जोशी, बजीर आनंद सिंह भंडारी, महावीर सिंह चौहान, मोहर सिंह चौहान, भगत सिंह, विक्रम सिंह चौहान, मिखु सिंह चौहान, रणवीर सिंह चौहान, बारू सिंह, नरेंद्र सिंह, देव माली रघुवीर सिंह, केसु वर्मा, ऋषिका चौहान आदि मौजूद रहे।
वहीं, अस्टी गांव में भी जागड़ा पर्व और भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के खतों के सैकड़ों गांव के लोगों ने हिस्सा लिया। अष्टी गांव में कुकुर्शी देवता का पौराणिक मंदिर है। यह मंदिर करीब 400 वर्ष पुराना बताया जाता है। मंदिर पुराना होने के कारण काफी जर्जर हो गया था, जिसे डेढ़ वर्ष पूर्व ग्रामीण ने यहां पर नए मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया। मंदिर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद देव पालकी को नवनिर्मित मंदिर में प्रवेश कराया गया। इस मौके पर बजीर सब्बल सिंह तोमर, स्याणा परम सिंह तोमर, कार्यक्रम संयोजक प्रदीप तोमर, ठानी घनश्याम तोमर, भंडारी रवि तोमर, रूप सिंह तोमर, रूपराम तोमर, अतर सिंह तोमर, शूरवीर तोमर, प्रदीप सिंह तोमर, भगत सिंह तोमर, किशन सिंह तोमर, भोपाल तोमर, आनंद सिंह, बालम आदि मौजूद रहे।
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संवाई गांव में देव डोली के गांव में प्रवेश करते ही माहौल शिलगुर महाराज के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। देव डोली को कंधे पर उठाने के लिए श्रद्धालु आतुर नजर आए। यहां करीब 18 साल बाद देव जागड़े का आयोजन किया गया। लोगों ने फूल-मालाओं के साथ देव डोली का स्वागत किया। देव दर्शन कर सुख और समृद्धि की कामना की गई। शाम तीन बजे देव पालकी और चिह्नों को नवनिर्मित मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कराया गया। इस मौके पर आकाश जोशी, बजीर आनंद सिंह भंडारी, महावीर सिंह चौहान, मोहर सिंह चौहान, भगत सिंह, विक्रम सिंह चौहान, मिखु सिंह चौहान, रणवीर सिंह चौहान, बारू सिंह, नरेंद्र सिंह, देव माली रघुवीर सिंह, केसु वर्मा, ऋषिका चौहान आदि मौजूद रहे।
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वहीं, अस्टी गांव में भी जागड़ा पर्व और भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के खतों के सैकड़ों गांव के लोगों ने हिस्सा लिया। अष्टी गांव में कुकुर्शी देवता का पौराणिक मंदिर है। यह मंदिर करीब 400 वर्ष पुराना बताया जाता है। मंदिर पुराना होने के कारण काफी जर्जर हो गया था, जिसे डेढ़ वर्ष पूर्व ग्रामीण ने यहां पर नए मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया। मंदिर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद देव पालकी को नवनिर्मित मंदिर में प्रवेश कराया गया। इस मौके पर बजीर सब्बल सिंह तोमर, स्याणा परम सिंह तोमर, कार्यक्रम संयोजक प्रदीप तोमर, ठानी घनश्याम तोमर, भंडारी रवि तोमर, रूप सिंह तोमर, रूपराम तोमर, अतर सिंह तोमर, शूरवीर तोमर, प्रदीप सिंह तोमर, भगत सिंह तोमर, किशन सिंह तोमर, भोपाल तोमर, आनंद सिंह, बालम आदि मौजूद रहे।
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