Kotdwar: भारी बारिश से थलनदी पर बना पैदल पुल बहा, मालन घाटी में कई मकान ध्वस्त, एक वृद्ध लापता
लदोखी गांव में भी अतिवृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीण शुभम कुमार ने बताया कि राजेंद्र सिंह के मकान में मलबा भर गया जबकि सुरेंद्र सिंह के मकान में दरारें आ गई हैं।
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मंगलवार रात को हुई अतिवृष्टि ने दुगड्डा ब्लाॅक की मालन घाटी में भारी तबाही मचाई। चूना महेड़ा गांव में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां कई मकान ध्वस्त हो गए हैं जबकि कई मकान मलबे में दब गए और एक वृद्ध लापता हो गया। वहीं सटे सौड़, लदोखी, धरगांव, चौंडली, मैती काटल, जौरासी आदि गांवों में कई नाली कृषि भूमि मलबे में दब गई। चूना महेड़ा की प्रधान सादिया बेगम ने बताया कि गांव में मंगलवार रात को 11:00 बजे हुई अतिवृष्टि के दौरान मोहम्मद उस्मान, रहमत अली, शौकत अली, हकूमूद्दीन के भवन ध्वस्त हो गए जबकि एक वृद्ध रहमत अली (90) लापता हो गए।
ग्रामीण प्रर्मिला देवी, मंजू देवी, बबली देवी के मकान और गोशालाएं मलबे में दब गई हैं। ग्रामीण लापता की तलाश में जुटे हैं। घटना के बाद डीएम पौड़ी डॉ. आशीष चौहान ने प्रभावित गांव का दौरा किया। वहीं ग्राम पंचायत सौड़ की प्रधान सैनू देवी ने बताया कि मालन नदी में आई बाढ़ से जायदा बेगम, रोशनी देवी, संगीता देवी की गोशालाएं और अमृत सरोवर बह गए। मलबे से जुड्डा गांव की पाइप लाइन व सिंचाई के पाइप मलबे में दब गए हैं।
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लदोखी गांव में भी अतिवृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीण शुभम कुमार ने बताया कि राजेंद्र सिंह के मकान में मलबा भर गया जबकि सुरेंद्र सिंह के मकान में दरारें आ गई हैं। राजेंद्र नेगी, धीरज सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह नेगी, महावीर सिंह रावत, सुरेंद्र सिंह रावत, भगत सिंह आदि के खेतों में मलबा भर गया है। उधर, सांसद प्रतिनिधि चंडी प्रसाद कुकरेती ने बताया कि अतिवृष्टि से ग्राम पंचायत जौरासी के राजस्व ग्राम जौरासी मल्ली चामापाणी के बीच मांगाधार रौली के ऊपरी हिस्से में हुए भूस्खलन से जौरासी मल्ली के लिए निर्मित जलसंस्थान की पेयजल लाइन व पेयजल टंकी बह गई है। भलाडांग तोक एवं पंचायत भवन जौरासी सहित राजकीय प्राथमिक विद्यालय जौरासी व मां बालक्वांरी देवी मंदिर गदेरे को जोड़ने वाले सभी संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अतिवृष्टि से जौरासी मल्ली के नौपाणी तोक में अरुण कुमार डबराल के घर पर, प्रवीन सिंह रावत, रोशन सिंह रावत के आंगन में दरारें आ गई हैं।
थलनदी पर बना पैदल पुल बहा, कृषि भूमि नष्ट
अतिवृष्टि से यमकेश्वर ब्लॉक में भारी नुकसान हुआ। बारिश से उफनाई सतेड़ी नदी में आई बाढ़ से झंपा पुल का एक पिलर बह गया जबकि यमकेश्वर और दुगड्डा ब्लाॅक को जोड़ने वाला नाड़ी काटल में थलनदी पर बना पैदल पुल बह गया। वहीं कांडी गांव में तीन गोशालाएं मलबे में दब गईं और 11 मवेशी मलबे में दबकर मर गए। मुंडगांव में एक घराट के साथ ही कई नाली कृषि भूमि बह गई। जिला पंचायत सदस्य विनोद डबराल ने बताया कि कांडी गांव में भारी बारिश से मदन सिंह, राजेश नेगी, सुरमान सिंह की गोशालाएं मलबे में दब गईं और 11 मवेशी मर गए। ग्रामीण राम सहाय सिंह नेगी और विजयपाल सिंह का शौचालय और पानी की टंकी मलबे में दब गए।
भूस्खलन से निर्मल कुमार, श्याम लाल, ध्रुवपाल सिंह नेगी, राम सहाय सिंह नेगी और विजयपाल सिंह के मकान को खतरा हो गया है। ध्रुवपाल सिंह नेगी के परिवार को अन्य भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। उधर मुंडगांव में रमेश चंद्र बधानी का घराट, संजय कुमार, अमरदेव, हेमंत कुमार, रमेश चंद्र, गणेश चंद्र, महेश चंद्र सुनील कुमार की करीब 25 नाली कृषि भूमि बाढ़ में बह गई। जिला पंचायत सदस्य विनोद डबराल, मंडी समिति के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक सिंह नेगी, ग्राम प्रधान अनुज नेगी ने शासन से प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की। सूचना पर राजस्व विभाग की टीम ने गांव का मौका मुआयना किया है।
कलालघाटी पुलिस और एसडीआरएफ ने बचाई मालन में फंसे 22 मजदूरों की जान
अचानक मालन नदी में मंगलवार शाम को आई बाढ़ के कारण कॉजवे कर मरम्मत में लगे 22 मजदूर फंस गए थे। इन मजदूरों में से 12 लोगों को तो शाम को ही निकाल लिया गया था जबकि अन्य मजदूर लकड़ी के दो फट्टों के बीच फंस गए थे। सूचना मिलते ही कोटद्वार से कोतवाल मणिभूषण श्रीवास्तव एसडीआरएफ के साथ मौके पर पहुंचे और सभी को जेसीबी और रस्सों के सहारे देर रात सुरक्षित निकाला। जबकि बाढ़ के कारण कॉजवे के पास खड़ी आठ बाइकें, एक छोटा हाथी नदी के उफान में बह गए और एक रोड रोलर मलबे में दब गया। कॉजवे बहने से भाबर के लिए वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। लोनिवि फिलहाल नदी का जलस्तर कम होने का इंतजार कर रहा है।