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Kishau Dam Project: सीएम धामी बोले, यूपी समेत चार राज्यों पर पड़े बढ़ी हुई लागत का भार, ये है पूरा मामला

Wed, 21 Sep 2022 06:04 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 21 Sep 2022 06:04 PM IST
सार

इस परियोजना को फरवरी 2008 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है। यह परियोजना देहरादून व हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में टोंस नदी पर प्रस्तावित है।

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Kishau Dam Project: Cm Pushkar Singh Dhami Attend Meeting in Delhi
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में किसाऊ बांध बहुद्देशीय परियोजना पर आयोजित बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने भी वर्चुअल प्रतिभाग किया।

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बैठक में सीएम पुष्कर सिंह धामी और सीएम जयराम ठाकुर ने परियोजना के संबंध में अपने-अपने राज्य का पक्ष रखा। सीएम धामी ने कहा कि परियोजना डीपीआर की लागत बढ़ने की दशा में विद्युत घटक लागत को स्थिर रखा जाए या बढ़ी हुई विद्युत घटक लागत को अन्य चार लाभार्थी राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली द्वारा वहन किया जाए। ताकि राज्य के उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो सके।
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सीएम ने कहा कि यह राष्ट्रीय परियोजना, उत्तराखण्ड के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी, क्योंकि परियोजना विकास की अवधि में स्थानीय निवासियों व ग्रामीणों को आय वृद्धि के विभिन्न संसाधन,  स्थाई व अस्थाई रोजगार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध होंगे। क्षेत्र के विकास व जनकल्याण के लिए समय- समय पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से क्षेत्र विशेष के लिए लाभप्रद योजनाएं विकसित की जाएंगी, जिससे पलायन की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण किया जा सकेगा। केंद्रीय मंत्री गजेद्र सिंह शेखावत ने कहा कि बैठक मे उठाए गए बिंदुओ पर विचार विमर्श कर जल्द ही अगली बैठक आयोजित की जाएगी।

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ये है परियोजना

इस परियोजना को फरवरी 2008 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है। यह परियोजना देहरादून व हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में टोंस नदी पर प्रस्तावित है। किसाऊ बांध परियोजना एशिया की दूसरी सबसे बड़ी बांध परियोजना होगी। इसकी ऊंचाई 236 मीटर एवं लंबाई 680 मीटर होगी। किसाऊ राष्ट्रीय परियोजना 660 मेगावाट की है। यह 90 फीसदी केंद्र सरकार की सहायता से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के संयुक्त उपक्रम के तहत बनाई जानी है। करीब 12 हजार करोड़ की लागत से बनने वाली इस परियोजना से नीचे बहने वाली व्यासी जैसी परियोजनाओं में भी बिजली का उत्पादन बढ़ने की संभावना है। बांध से 1379 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। इस परियोजना को लेकर छह राज्यों में करार हो चुका है। समझौते के तहत जल भंडारण का 93 प्रतिशत भाग हरियाणा, यूपी, राजस्थान और दिल्ली को मिलेगा, जबकि तीन-तीन प्रतिशत भाग हिमाचल व उत्तराखंड को मिलेगा।

17 गांवों के छह हजार लोग होंगे विस्थापित

सूत्रों के अनुसार, बांध निर्माण से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की 2950 हेक्टयर भूमि प्रभावित होगी। 17 गांवों के छह हजार से अधिक निवासी विस्थापित होंगे। गौरतलब है कि वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री कार्यालय में इस मुद्दे पर हुई बैठक में फैसला किया गया था कि परियोजना लागत के घटकों का विभाजन इस तरह से किया जाए, ताकि प्रभावित राज्यों के प्रतिकूल प्रभावों की भरपाई हो सके।

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