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रुद्रपुर किसान महापंचायत में बोले राकेश टिकैत, उद्योगपतियों को एक भी इंच जमीन नहीं देंगे किसान

Tue, 02 Mar 2021 12:22 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 02 Mar 2021 12:22 AM IST
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Kisan Mahapanchayat in Rudrapur: kisan leader rakesh tikait will address mahapanchayat
महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत - फोटो : अमर उजाला

भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान को अपनी जमीन औलाद से भी अधिक प्यारी होती है। किसान जब जीवित रहते अपनी जमीन औलाद के नाम नहीं कर सकता है तो फिर वह अपनी जमीन को जानबूझकर किसी अंजान को कैसे सौंप देगा? किसान अपनी एक इंच जमीन भी कारपोरेट घरानों को नहीं देने वाले हैं। सोमवार को किसान मैदान में कृषि कानूनों के खिलाफ आयोजित किसान महापंचायत में करीब 40 हजार से अधिक किसान पहुंचे। 

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महापंचायत को संबोधित करते हुए किसान नेता टिकैत ने कहा कि किसानों की जमीन को उससे कोई छीन नहीं सकता है। सरकार कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलित किसानों पर मुकदमे दर्ज कर और नोटिसों का डर दिखा रही है, लेकिन किसानों को डरने की जरूरत नहीं है। जो किसान नोटिस से डरता है, उसे आंदोलन में आने की जरूरत नहीं है। यदि उत्तराखंड सरकार ने किसानों की जमीन की तरफ आंख उठाकर देखी तो दिल्ली जैसा हाल कर देंगे। केंद्र सरकार पिछले करीब 15 दिनों से किसान आंदोलन को लेकर चुप है, लगता है वह किसान आंदोलन के दमन के लिए कोई योजना तैयार रही है। 
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किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि आजादी के समय देश की जीडीपी में कृषि का योगदान 60 प्रतिशत था, जो अब घटकर 10 प्रतिशत पहुंच गया है। अब सरकार की योजना इसे छह प्रतिशत तक पहुंचाने की है। यह लड़ाई अस्तित्व और खेती को बचाने की है। सरकार किसानों को खेतिहर मजदूर बनाने की तैयारी में है, जिस कारण किसानों को मजबूरी में खेती छोड़नी पड़ेगी। इससे देश में भुखमरी बढ़ेगी। कहा कि यदि लड़ाई हारे जो जिंदगी हार जाएंगे इसलिए इस लड़ाई को जीतने तक लड़ेंगे। 

किसान नेता दर्शनपाल सिंह ने कहा कि किसान संयुक्त मोर्चा ने पूरे देश में किसानों और आम जनता को जागरूक करने का काम किया है। जब तक सरकार तीनों काले कानून वापस नहीं लेगी, आंदोलन जारी रहेगा। तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने मिलकर किसानों को बारी-बारी लूटा है। एक ने किसानों को आईसीयू में तो दूसरे ने वेंटिलेटर पर पहुंचाया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकियू के जिलाध्यक्ष करम सिंह पड्डा ने की। 

किसान महापंचायत में हिस्सा लेंगे विकासनगर के सैकड़ों लोग

केंद्र सरकार की ओर से कृषि कानून के विरोध में पूरे देश में चल रहे किसान महापंचायतों के मद्देनजर उत्तराखंड के रुद्रपुर में भी एक मार्च को किसान संगठनों द्वारा किसान महापंचायत आयोजित की जा रही है। महापंचायत में देहरादून जिले के पछवादून से सैकड़ों लोग हिस्सा ले रहे हैं। इसको लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष संजय किशोर ने एक प्रेसवार्ता की। 

उन्होंने कार्यकर्ताओं और किसानों से इस बार पंचायत में भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जिस प्रकार कृषि कानून लागू किए गए हैं, वे असंवैधानिक हैं। केंद्र सरकार द्वारा हिटलरशाही दिखाकर इतने बड़े किसान आंदोलन को नजरअंदाज किया जा रहा है। आज देश के करोड़ों किसान सड़कों पर हैं।

पूरे देश में महापंचायत आयोजित की जा रही हैं, लेकिन घमंड में चूर चंद उद्योगपतियों की सरकार आज देश के अन्नदाता की जायज बात को सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित रुद्रपुर की महापंचायत में पछवादून से सैकड़ों लोग भागीदारी करेंगे। इस अवसर पर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष शम्मी प्रकाश, प्रदेश कांग्रेस सचिव प्रेम प्रकाश अग्रवाल, पूर्व सभासद बलजीत सिंह और क्षेत्र पंचायत सदस्य नितिन वर्मा उपस्थित रहे।

दो बुजुर्गों को किया सम्मानित 

अनिश्चितकालीन धरने के चौथे दिन धरनास्थल पर रात दिन दो बुजुर्गों को रविवार को किसान आंदोलनकारियों ने बागड़िया पहनाकर सम्मानित किया। इन दोनों व्यक्तियों ने प्रतिज्ञा ली कि जब तक किसान आंदोलन नहीं जीतेंगे, तब तक वे यहां से जाने वाले नहीं हैं। सम्मानित होेने वालों में जगबीर सिंह बालियान और दौलत सिंह हैं।

पुलिस एवं पीएससी बल तैनात

मोदी मैदान में हो रही किसान महापंचायत में काफी संख्या में किसान पहुंचे हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। यहां पुलिस एवं पीएससी बल तैनात किए गए हैं। इस महापंचायत में रामपुर, बरेली, मुरादाबाद, बाजपुर, सितारगंज, हल्द्वानी, काशीपुर, गदरपुर, खटीमा, रुद्रपुर सहित अन्य स्थानों से किसान पहुंचे हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा गाजीपुर बॉर्डर के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि महापंचायत को लेकर किसानों में उत्साह है। सरकार को नए कृषि कानूनों को जल्द वापस लेना चाहिए। महापंचायत में बाजपुर के 20 गांवों की 58.38 एकड़ भूमि का मुद्दा भी उठाया जाएगा। तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि महापंचायत शाम तीन बजे तक चलेगी।

महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढूनी, डॉ. दर्शन पाल सिंह, आशीष मित्तल के साथ ही पंजाबी गायक सोनिया मान, रूपिंदर हांडा और हैरी धनोवा शामिल हुए हैं। 
 
किच्छा बाईपास रोड डायवर्ट

किसान महापंचायत किच्छा रोड स्थित मैदान में होगी। इस बीच किच्छा बाईपास रोड डायवर्ट है। किच्छा से आने वाले वाहन इंदिरा चौक की ओर से आ रहे हैं। वहीं, डीडी चौक से आने वाले वाहन इंदिरा चौक पर जाकर हाईवे से गुजर रहे हैं। एसएसपी डीएस कुंवर ने बताया कि महापंचायत में पांच सीओ, 17 एसओ, एचओ, 36 एसआई, तीन कंपनी पीएसी, 250 कांस्टेबल और 50 महिला कांस्टेबल मौजूद हैं।

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