किसान आंदोलन : कृषि कानूनों के विरोध में ऊधमसिंह नगर जिले के किसान दिल्ली रवाना
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पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता नारायण पाल शनिवार को सितारगंज के किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुए। उन्होंने नए कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताया।
किच्छा मार्ग स्थित एक होटल में पाल एवं अन्य ने कहा कि कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर देशभर के किसान दिल्ली में संघर्ष कर रहे हैं। ये कानून कॉरपोरेट संस्कृति को बढ़ावा देने वाले हैं। इससे किसानों का वजूद खतरे में पड़ जाएगा। किसान आंदोलन का समर्थन ऊधमसिंह नगर जिले के किसान भी कर रहे हैं। इसी क्रम में वह भी आज दिल्ली रवाना हो रहे हैं। इसके बाद सभी लोग कार से दिल्ली के लिए रवाना हुए।
इधर, किच्छा में किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह संधू के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एमपी चौक पर केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री, मुकेश अंबानी व अडानी ग्रुप का पुतला फूंका। संधू ने कहा कि केंद्र सरकार तीन कृषि कानूनों को वापस ले।
अगर दिल्ली गए तो केस हो सकता है...
कांग्रेस नेता सीपी शर्मा ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर किसानों के आंदोलन में दिल्ली जाने की पोस्ट की थी। शुक्रवार की शाम उन्हें सिडकुल पुलिस चौकी बुलाया गया और दिल्ली नहीं जाने को कहा गया। पुलिसकर्मियों ने कहा कि अगर वे दिल्ली गए तो मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। करीब एक घंटा चौकी में रहने के बाद वे घर आ गए। उन्होंने कहा कि वे पुलिस से डरने वाले नहीं हैं।
पुलिस ने रोका तो संपर्क मार्गों के रास्ते यूपी पहुंचे किसान
कृषि सुधार कानून के विरोध में राष्ट्र व्यापी आंदोलन के तहत क्षेत्र में किसानों ने गांव से लेकर नगर तक जगह-जगह आंदोलन किया। पीएम नरेंद्र मोदी, अडानी और अंबानी के पुतले जलाए गए।
वहीं आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जा रहे किसानों के काफिले को पुलिस ने रोक दिया। इस पर किसान हाईवे किनारे ही धरने पर बैठ गए और जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस के समझाने पर किसान लौट तो गए लेकिन संपर्क मार्गों से यूपी के रास्ते दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) और कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में किसानों ने कांग्रेसियों के साथ मुख्य चौराहे पर पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। इसके बाद किसान गुरुद्वारा गुरु का ताल आगरा में पहुंचे। यहां से ट्रैक्टर ट्रॉली, कार और बस आदि वाहनों से किसानों का काफिला दिल्ली के लिए रवाना हो गया। काफिला आरके ढाबा के पास पहुंचा तो हाईवे पर बैरीकेडिंग कर पुलिस ने काफिले को रोक लिया।
आंदोलनकारियों ने यहीं पर धरना दे दिया और नारेबाजी की। किसानों ने केंद्र सरकार से कृषि सुधार कानून को तत्काल वापस लेने की भी मांग की। इधर, सीओ सुरजीत कुमार के समझाने पर किसान मान गए और वापस हो लिए लेकिन रूट बदल दिया। किसान संपर्क मार्गों से यूपी होते हुए दिल्ली के लिए निकल पड़े।
सड़क पर लगाया लंगर
सुबह से आंदोलन कर रहे किसानों ने सड़क पर ही लंगर चालू कर दिया। आरके ढाबा पर जब पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोका तो किसान वहीं धरने पर बैठ गए और वाहनों में भोजन बनाकर लाए किसानों ने वहीं लंगर चालू कर दिया।
वातानुकूलित ट्रॉली बनाकर ले गए किसान
दिल्ली में चल रहे आंदोलन में शामिल होने जा रहे किसान सुखचैन सिंह ने ट्रैक्टर ट्रॉली में घर जैसी सुविधाएं बना रखी थीं। सुखचैन ने बताया कि आंदोलन एक महीना चले या फिर साल भर, उनके वाहन में पूरी सुविधा है। यहां तक कि एयरकंडीशनर भी लगाया है और खानपान के लिए राशन भी पर्याप्त रखा है।
छावनी में बदला क्षेत्र
किसानों के वृहद आंदोलन को देखते हुए पुलिस महकमे ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। डेढ़ प्लाटून पीएसी, नानकमत्ता, पुलभट्टा थाने और खटीमा कोतवाली से भारी पुलिस बल को बुलाया गया था। कोतवाल सलाहउद्दीन, पुलभट्टा एसओ विनोद जोशी, नानकमत्ता के कमलेश भट्ट समेत कई दरोगा भी लगाए गए थे।
किसान आंदोलन को हमारा समर्थन नहीं : बीकेएस
भारतीय किसान संघ (बीकेएस) के प्रदेश संरक्षक डॉ. डीएन मिश्रा ने कहा कि उनका संगठन किसान आंदोलन का समर्थन नहीं कर रहा है। उनका संगठन कोई आंदोलन नहीं करता है बल्कि अपनी बात शांतिपूर्वक तरीके से रखता है। संगठन शुरू से किसान कानून का समर्थन कर रहा है। मगर कुछ लोग संगठन का नाम लेकर लोगों को गुमराह कर रहे है। कहा कि किसान आंदोलन के नाम पर राजनीति की जा रही है। इसमें कुछ शरारती लोग भी शामिल हैं।
उत्तराखंड एवं यूपी के किसानों ने सीमा पर धरना दिया
उत्तराखंड एवं यूपी के किसानों ने सुनपहर-खटीमा होते हुए नगर पंचायत चौकी मझोला तक जुलूस निकालकर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। किसान पीएम का पुतला फूंकने की तैयारी कर रहे थे लेकिन थाना न्यूरिया प्रभारी जगत सिंह ने उनका प्रयास विफल कर दिया। इसके बाद किसान खटीमा मार्ग पर धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे अमरिया के एसडीएम चंद्र भान सिंह को ज्ञापन सौंपा गया।
काशीपुर और बाजपुर में भी फूंका सरकार का पुतला
कृषि कानून के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए किसान कांग्रेस ने महानगर कांग्रेस कार्यालय के सामने हाईवे पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। शनिवार को किसान कांग्रेस के प्रदेश सचिव राजू छीना और कांग्रेस महानगर अध्यक्ष संदीप सहगल के नेतृत्व में तमाम कांग्रेस कार्यकर्ता रामनगर रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय के समक्ष एकत्र हुए। वहीं, बाजपुर में आक्रोशित किसान शनिवार शाम को भगत सिंह चौक पर एकत्र हुए।
कृषि कानून वापस लें : डॉ. यूनुस
कांग्रेस प्रदेश सचिव डॉ. यूनुस चौधरी ने शनिवार को किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है।