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कुत्ते के काटने से बच्चे को रैबीज, हालत गंभीर
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 01 Jul 2015 09:49 AM IST
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कुत्ते के काटने से देहरादून के एक बच्चे को रैबीज हो गया है। बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए परिजन हायर सेंटर ले गए हैं।
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दून अस्पताल के वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ और एंटी रैबीज क्लीनिक प्रभारी डॉ. अनिल आर्य ने बताया कि माजरा निवासी एक बच्चे को मंगलवार को अस्पताल लाया गया। परिजनों ने बताया कि बच्चे को कुछ समय पहले आवारा कुत्ते ने काटा था।
जब बच्चे के गले पर घाव बने तो उन्हें अंदेशा हुआ कि उसे रैबिज हो गया है। परिजनों ने बच्चे को देहरादून के कई निजी अस्पतालों में दिखाया। डाक्टर ने बच्चे में रैबीज की आशंका जताई। कई बड़े अस्पतालों ने भी बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए इलाज से इनकार कर दिया।
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डॉ. अनिल आर्य ने बताया कि हालत गंभीर होने पर परिजन बच्चे को दिल्ली स्थित बड़े अस्पताल ले गए हैं। बताया कि बच्चे की हालत गंभीर है। बच्चा हवा और पानी से डर रहा है। उसमें रैबीज के लक्षण हैं।
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कुत्ता काटने पर यह जरूर करें
- कुत्ता काटने पर घाव को तत्काल साफ पानी और साबुन से धोएं
- किसी तरह का घरेलू उपचार न करें। टीके लगवाने अस्पताल पहुंचे
- डॉक्टर की सलाह पर इलाज कराएं। लापरवाही हो सकती है जानलेवा
- अगर घर में पालतू कुत्ता है तो उसे जरूरी टीका जरूर लगवाएं
- हो सके तो बच्चों को कुत्ते के साथ न छोड़ें और न साथ खेलने दें
(दून अस्पताल में एंटी रैबीज यूनिट के प्रभारी डॉ. अनिल आर्य के अनुसार)
आवारा कुत्तों की नसबंदी कराने की व्यवस्था करने के निर्देश
संसदीय सचिव और विधायक राजकुमार ने शहर में आवारा कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने के लिए मुख्य नगर अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया को आवारा कुत्तों की नसबंदी कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को दून रेसीडेंट वेलफेयर फ्रंट और डालनवाला वेलफेयर सोसायटी की बैठक में विधायक राजकुमार ने कहा कि लगभग दो वर्षों से नगर निगम द्वारा आवारा पशुओं को नियंत्रित करने की कार्रवाई बंद पड़ी है। इससे क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिसका खामियाजा क्षेत्रीय जनता को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा सहस्त्रधारा रोड पर पूर्व में गो-सदन बना था जो कि वर्तमान में बन्द है, इस कारण मुख्य मार्गों में गाय आदि अन्य पशु खड़े रहते हैं। ऐसे पशुओं की नसबंदी कर टैगिंग की जाएगी, जिससे पशुओं को भी परेशानी नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि सभी स्थानों, वार्डों निगम क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया जाए, निगम में एक टीम गठित की जाए जो निरंतर इस विषय पर निरीक्षण करती रहे। इस कार्यवाही के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि पशुओं का उत्पीड़न न हो।
इस मौके पर पशुचिकित्साधिकारी डॉ. बी सती, सफाई निरीक्षक एसएस यादव, डालनवाला वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. भंडारी, डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. भरत सब्बरवाल, डॉ. कमलेश शर्मा, राजेश कपूर आदि उपस्थित थे।
- 50 हजार से अधिक शहर में है आवारा कुत्तों की संख्या
- 2546 शिकायतें कुत्तों के काटने की आई थीं नगर निगम में जनवरी से अप्रैल माह तक
- 1976 लोगों को रैबीज का इंजेक्शन लगाया गया जनवरी से अप्रैल तक दून अस्पताल में
- 25 लोग औसतन हर रोज कुत्ते के काटे पहुंचते हैं दून ओपीडी में