उत्तराखंड: पैरा ओलंपियन मनोज को देवभूमि खेल रत्न, अनूप को मिलेगा द्रोणाचार्य अवार्ड
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इस वर्ष के देवभूमि खेल रत्न और देवभूमि द्रोणाचार्य अवार्ड को लेकर हाईपावर कमेटी ने दावेदारों के नामों पर मुहर लगा दी। खेल मंत्री और विभागीय अधिकारियों की बैठक में देवभूमि खेल रत्न पुरस्कार के लिए पैरा ओलंपियन मनोज सरकार और देवभूमि द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए एथलेटिक्स कोच अनूप बिष्ट के नाम पर सहमति बनी है।
मनोज को पिछले खेल दिवस पर केंद्र सरकार की ओर से अर्जुन अवार्ड दिया गया था। शिक्षा सचिव बृजेश संत के मुताबिक देवभूमि खेल रत्न और देवभूमि द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए दोनों नामों पर सहमति बन चुकी है।
शासन की ओर से जल्द ही इन नामों की घोषणा कर दी जाएगी। बता दें कि पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी मनोज सरकार ने गरीबी और शारीरिक अक्षमता को मात देते हुए अपने हौसले के दम पर अर्जुन अवार्ड पाया था।
पैरा बैडमिंटन की विश्व रैंकिंग में नंबर एक शटलर मनोज का बचपन बंगाली कॉलोनी रुद्रपुर में बेहद गरीबी में बीता। उनकी आर्थिकी इतनी कमजोर थी कि स्कूल की छुट्टी के दिन वो पिता के साथ घरों में पुताई का काम किया करते थे।
इंटरमीडिएट तक उन्होंने एक सामान्य खिलाड़ी के तौर पर तीन राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। जिसमें अच्छे प्रदर्शन के बल पर नेशनल फिर इंटरनेशनल पैरा बैडमिंटन में जगह बनाई। जबकि अनूप बिष्ट की गिनती प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ खेल प्रशिक्षकों में होती है।
वह ओलंपियन मनीष रावत, यूथ ओलंपियन सूरज पंवार समेत कई खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे चुके हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। मियांवाला निवासी अनूप बिष्ट के प्रशिक्षण में एक दर्जन से ज्यादा खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। वे वर्तमान में महाराणा स्पोर्ट्स कालेज में एथलेटिक्स के कोच हैं और विभाग में डिप्टी स्पोर्ट्स ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं।