उत्तराखंडः खरीफ सीजन 2019-20 की धान खरीद नीति लागू, एक अक्तूबर से होगी खरीद
- इस बार गढ़वाल व कुमाऊं मंडल में दो लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य
- पिछले साल की तुलना में बढ़ा ‘ए’ ग्रेड व कामन श्रेणी धान का एमएसपी
- 210 क्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों से खरीदा जाएगा धान
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खरीफ सीजन 2019-20 के लिए धान खरीद नीति लागू कर दी है। एक अक्तूबर से गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में 210 क्रय केंद्रों पर किसानों से धान की खरीद की जाएगी। सरकार ने इस बार किसानों से दो लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। खाद्य आपूर्ति, सहकारिता, नैफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से धान खरीदा जाएगा। पिछले साल की तुलना में इस बार किसानों को ए ग्रेड व कामन श्रेणी धान का मूल्य ज्यादा मिलेगा। केंद्र सरकार ने धान की एमएसपी में बढ़ोत्तरी की है।
सचिव खाद्य आपूर्ति सुशील कुमार ने धान खरीद नीति लागू कर सभी जिलों को आदेश जारी किए हैं। प्रदेश के ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत जनपदों में किसानों से एक अक्तूबर से धान की खरीद की जाएगी। नीति में प्रावधान किया गया कि जिलाधिकारियों की ओर से तैयार किसान और ग्राम वार सूची के आधार पर किसानों से ही धान खरीदा जाएगा।
क्रय करने के लिए 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बार केंद्र सरकार ने धान का एमएसपी बढ़ाया है। जिसमें ए ग्रेड का 1835 और कामन श्रेणी का 1815 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया। जबकि पिछले साल ए ग्रेड का 1770 और कामन श्रेणी का 1750 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी पर किसानों से धान खरीदा गया था।
एक समय में पांच लाख का भुगतान
क्रय केंद्रों के प्र्रभारी किसानों को 48 घंटे के भीतर धान का भुगतान करना सुनिश्चित करेंगे। लेकिन एक समय में एक किसान को पांच लाख से अधिक भुगतान नहीं किया है। इससे अधिक का भुगतान विभागीय संभागीय अधिकारी के माध्यम से किया जाएगा।
किसानों की सुविधा के लिए क्रय केंद्र बढ़ाए
सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए धान क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाई है। इस बार प्रदेश में 210 क्रय केंद्र खोले जाएंगे। जिसमें गढ़वाल मंडल में 32 और कुमाऊं मंडल में 178 केंद्र बनाए जाएंगे। सरकार ने क्रय क्षमता के आधार पर गढ़वाल मंडल में 30 हजार मीट्रिक टन और कुमाऊं मंडल में 1.70 लाख मीट्रिक टन धान क्रय करने का लक्ष्य रखा है।