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रोज बोलते हैं, मुख्यमंत्री बदल रहा हैः खंडूड़ी

Fri, 30 Aug 2013 07:17 PM IST
अमर उजाला, अजित सिंह राठी, देहरादून
अमर उजाला, अजित सिंह राठी, देहरादून Updated Fri, 30 Aug 2013 07:17 PM IST
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Khanduri says food Security Bill is election stunt

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूडी ने फूड सिक्योरिटी बिल को महज चुनावी स्टंट बताया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार लोगों को बरगला रही है।

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पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी ने कहा कि हर रोज मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाओं से प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल पैदा हो गया है।

नहीं है नीयत साफ
खंडूड़ी ने कहा कि फूड सिक्योरिटी बिल पर भी केंद्र की नीयत साफ नहीं है। क्योंकि ये सभी योजनाएं 2001 में राजग की सरकार ने शुरू कर दी थी। फिलहाल तो यह केवल कोरा चुनावी स्टंट है।
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प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी ने कहा कि कांग्रेस के अलग अलग गुटों के विधायकों की दिल्ली दौड़ ने प्रदेश के राजनीतिक माहौल को अस्थिर बना दिया है। वैसे भी सरकार पूरी तरह से फेल है।
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सरकार को बताया फेल
दैवी आपदा के बाद प्रभावित इलाकों में ना तो लोगों के आवास की व्यवस्था हुई है और ना ही खाद्य रसद का बंदोबस्त हो रहा है। पटवारी की सत्यापित रिपोर्ट होने के बाद भी सैकड़ों लोग मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।

केंद्र के फूड सिक्योरिटी बिल को चुनावी स्टंट बताते हुए खंडूड़ी ने कहा कि 2001 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने कानून बनाकर अंत्योदय और इसके बाद अलग तबके के लिए अन्नपूर्णा योजना शुरू की थी।

लोगों को नहीं मिल रहा खाद्यान्न
उस समय किसी तरह के चुनाव भी नहीं थे। केंद्र को बताना चाहिए कि यूपीए सरकार का यह बिल अटल जी की उस योजना से किस तरह भिन्न और बेहतर है। यह बिल उस योजना की नकल है।


इधर उत्तराखंड सरकार बिल को लागू कर रही है, पहले वह ये बताए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अभी तक पर्याप्त खाद्यान्न क्यों नहीं भेजा गया और केरोसिन क्यों दुर्लभ हो गया है।

प्रदेश महामंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि इस सरकार के पास आर्थिकी मजबूत करने के लिए कोई विजन नहीं है। हर वर्ष कर्ज का मर्ज बढ़ता जा रहा है।

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