अपराध की दृष्टि से बेहद संवेदनशील इस जिले में दस्तक के रहे खालिस्तान समर्थक
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अपराध के दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले ऊधमसिंह नगर जिले में भी खालिस्तान समर्थक सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी दस्तक दे चुके हैं।
तीन माह पहले जहां पुलिस ने खटीमा क्षेत्र से खालिस्तान समर्थक को जेल भेजा वहीं चार दिन पहले रुद्रपुर में भी एक बुजुर्ग को वीडियो और पोस्ट सोशल साइट पर पोस्ट करने के मामले में पुलिस ने पकड़ा है।
1984 के सिख दंगों के बाद 1990 के दशक में तराई भी सिख आतंकवाद से प्रभावित हुई थी। इसी दौरान सिख समाज के लिए अलग राष्ट्र की मांग उठाने वाले पंजाब के जनरैल सिंह भिंडरवाला की ओर से चलाई गई खालिस्तान बिग्रेड से कुछ लोग जुड़े और 20-20 खालिस्तान रिफ्रेंडम के नाम से मुहिम छेड़ी। इस मुहिम में खालिस्तान समर्थकों ने भारत में ही सिख समाज के लोगों के लिए एक अलग राष्ट्र बनाने की मांग उठाई जिसमे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमांचल प्रदेश, यूपी और उत्तराखंड राज्य को शामिल करने की मांग की गई।
पुलिस और खुफिया एजेंसिया कर रही हैं जांच
वर्तमान में भी भिंडरवाला समर्थक सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार के लिए भारत के नक्शा प्रेषित कर उसमें उक्त राज्यों के क्षेत्रफल को नारंगी रंग में दर्शाते हैं।
पुलिस प्रशासन की सख्ती के बाद भिंडरवाला के कुछ समर्थक विदेश भाग गए और वर्तमान में वहीं से सोशल मीडिया के जरिये खालिस्तानी विचारधारा को प्रचारित- प्रसारित कर रहे है। सूत्रों के अनुसार पिलीभीति के भी कुछ खालिस्तान समर्थक ऊधमसिंह नगर जिले में सक्रियता बढ़ा रहे हैं।
खटीमा में पकड़े गये खालिस्तान समर्थकों से पूछताछ के दौरान मुहीम से जुड़ा परमिंदर बोरा भी एक नाम पुलिस के सामने आया था जिसकी जांच पड़ताल पुलिस और खुफिया एजेंसिया कर रही हैं। साथ ही वर्ष 2011 में रामनगर के बैलपड़ाव क्षेत्र से भी पुलिस ने एक खालिस्तान समर्थक को पकड़कर उसके पास से हथियार बरामद किए थे।