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आतिशबाजी के दौरान कानफोड़् पटाखों से करे परहेज नहीं तो गंवा बैठेंगे सुनने की क्षमता

Sun, 23 Oct 2022 11:41 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 23 Oct 2022 11:41 PM IST
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Keep distance from earwax firecrackers
अगर आप दिवाली पर आतिशबाजी के दौरान बेहद तेज धमाके वाले कानफोड़ू पटाखों को छोड़कर जश्न मनाने जा रहे, तो जरा संभलकर। ईएनटी विशेषज्ञों की मानें तो कानफोड़ू पटाखे पूरी जिंदगी के लिए बहरा कर सकते हैं।
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कोरोनेशन अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉ. पीयूष त्रिपाठी के मुताबिक, वैज्ञानिक शोधों के मुताबिक 100 डेसिबल की आवाज सामान्य होती है और इससे अधिक की आवाज कान की सुनने की क्षमता को प्रभावित करती हैं। ऐसे में आतिशबाजी के दौरान बेहद एहतियात के साथ पटाखों को छोड़ने की जरूरत है। बताया कि दिवाली के दौरान पटाखा बनाने वाली कंपनियों की ओर से ऐसे पटाखे बाजार में उतार दिए गए हैं, जिनकी आवाज 135 डेसिबल से भी ज्यादा है। ऐसे पटाखों से दूरी बनाने में ही भलाई है। ऐसे पटाखों को छोड़ने समय पांच मीटर से अधिक दूरी बनाने में ही समझदारी है।
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125 डेसिबल क्षमता वाले पटाखे बगल में ही फट जाएं तो कान के परदे के फटने की संभावना बनी रहती है। ईएनटी सर्जन डॉ. त्रिपाठी के मुताबिक, कान का पर्दा बेहद नाजुक होता है और वह बहुत अधिक आवाज को बर्दाश्त नहीं कर पाता है। आतिशबाजी के दौरान कानफोड़ू पटाखों से कान में दो तरह की समस्याएं पैदा होती हैं। एक तो अस्थायी तौर पर सुनने की क्षमता प्रभावित होती है, जो कुशल ईएनटी सर्जन से इलाज कराने के बाद ठीक हो जाती है। दूसरी स्थायी होती है, जिसमें सुनने की क्षमता पूरी तरह समाप्त हो जाती है। चिकित्सा की भाषा में इसे एकॉस्टिक ट्रॉमा भी कहते हैं।
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पटाखे छुड़ाते समय बरतें सावधानी---
तेज धमाके वाले पटाखे छोड़ते समय सुनिश्चित करें कि पटाखों से आपकी दूरी पांच मीटर से अधिक हो, छोटे बच्चों पर तेज धमाके वाले पटाखों की आवाज का असर पड़ता है, ऐसे में यह सुनिश्चित करें कि बच्चों को तेज पटाखों से दूर ही रखें, 10 साल से कम उम्र के बच्चों को तो तेज धमाके वाले पटाखे छोड़ने की कतई अनुमति न दें, यदि घर में नवजात हैं तो आतिशबाजी के दौरान कमरे में रखें। कान में हल्की रुई लगा दे और दरवाजों को बंद करके रखें ,ताकि नवजात पर तेज धमाकों का असर न पड़े, पटाखा फोड़ते समय यदि बगल में ही फट जाए, तो उससे कान में सीटी बजने जैसा अनुभव होता है। यदि ऐसा महसूस हो रहा हो तो तत्काल ईएनटी सर्जन को दिखाएं।
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