Kedarnath Dham: केदारनाथ में हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, पायलट की सूझबूझ से बाल-बाल बचे तीर्थयात्री
केदारनाथ धाम में पायलट की सूझबूझ बड़ा हादसा होने से टल गया। हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिग कराई गई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि हेलिपैड से 100 मीटर आगे पर इमरजेंसी लैंडिंग ही हुई है। आपात लैंडिंग की डीजीसीए जांच करेगा।
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केदारनाथ दर्शन कराने गए हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी के कारण इमरजेंसी लैंडिंग से बड़ा हादसा बच गया। हेलिकॉप्टर में सवार तमिलनाडु के सभी छह यात्री सुरक्षित हैं। सरकार ने हेली कंपनी की उड़ान पर रोक लगाते हुए डीजीसीए को रिपोर्ट भेज दी है। डीजीसीए जांच के बाद ही अब इस कंपनी की उड़ान पर निर्णय होगा।
शुक्रवार सुबह करीब सात बजे शेरसी हेलिपैड से क्रिस्टल कंपनी के हेलिकॉप्टर ने केदारनाथ के लिए उड़ान भरी। इसमें तमिलनाडु के छह यात्री सवार थे। जैसे ही केदारनाथ में यह लैंड करने वाला था तो इसके टेल रोटर में कुछ तकनीकी खराबी आ गई, जिससे वह लैंड नहीं कर सका। हेलिकॉप्टर गोल-गोल घूमने लगा।
पायलट कल्पेश ने हेलिकॉप्टर को सीधे नीचे की तरफ मोड़ दिया। गोल चक्कर लगाते हुए हेलिकॉप्टर हेलिपैड से नीचे की तरफ आ गया। हेलिपैड से करीब 100 मीटर नीचे ढलान क्षेत्र में हेलिकॉप्टर का पिछला हिस्सा घास वाली मिट्टी से टकराया। इस दौरान पायलट ने ढलान वाली जमीन पर हेलिकॉप्टर को इमरजेंसी लैंड कराया।
लगभग दो मिनट तक देखने वालों की सांसें भी अटकी रहीं। इसके बाद हेलिपैड से संबंधित कंपनी के कर्मचारी, पुलिस और प्रशासन के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और इसमें सवार सभी यात्रियों को सकुशल बाहर निकाला। पायलट कल्पेश द्वारा सूझबूझ का परिचय देते हुए हेली को आपातकालीन स्थिति में सकुशल लैंडिंग कराया गई, जिसमें सभी श्रद्धालु सुरक्षित एवं सकुशल हैं।
केदारनाथ क्षेत्र में 14 वर्ष में 10 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाएं
हेलिकॉप्टर के सुरक्षित लैंड के बाद तीर्थ यात्रियों ने राहत की सांस ली। केदारनाथ में हेलिकॉप्टर सेवा हमेशा से ही जोखिमभरी रही है। केदारनाथ क्षेत्र में 14 वर्ष में 10 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इन हादसों में 30 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस दौरान जहां सेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टर सहित पांच हेलिकॉप्टर क्रैश हुए हैं। वहीं, अन्य में तकनीकी खामियां आई हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि आज शुक्रवार सुबह सात बजे क्रिटन एविएशन कंपनी के हेली ने छह यात्रियों को लेकर केदारनाथ के लिए उड़ान भरी थी। तकनीकी खराबी के कारण हेलिकाॅप्टर को केदारनाथ हेलीपैड से लगभग 100 मीटर पहले आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।
यात्रियों की सहायता के लिए पहुंचे अधिकारी कर्मचारी
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने तकनीकी खराबी की पुष्टि करते हुए बताया कि इसमें सवार तमिलनाडु के शिवाजी, उलु बैंकटचलम, महेश्वरी, सुंदरा राज, समुति और मयूर बाघवानी सुरक्षित हैं। इन यात्रियों को बाद में मंदिर पहुंचाकर दर्शन कराए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने हेलिकॉप्टर की उड़ान पर रोक लगा दी है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन एवं विकास प्राधिकरण के सीईओ सी रविशंकर ने बताया कि हादसे की रिपोर्ट डीजीसीए को भेज दी गई है। डीजीसीए की टीम तकनीकी जांच करेगी। उनकी रिपोर्ट के बाद ही क्रिस्टल कंपनी की हेली सेवाओं पर निर्णय होगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल इस कंपनी के यात्रियों को हिमालयन व एयरो कंपनी को बांट दिया गया है।
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हमने केदारनाथ में इमरजेंसी लैंडिंग प्रकरण पर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण से जानकारी मांगी है। प्राधिकरण ने डीजीसीए को पूरा ब्योरा उपलब्ध करा दिया है। तकनीकी खराबी के बाद पायलट ने सूझ-बूझ से लैंडिंग कराई। सौभाग्य से पायलट समेत सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं। हमारे लिए यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री