Kedarnath Avalanche: केदारनाथ मंदिर के पीछे टूटा ग्लेशियर, फिर से थमी लोगों की सांसे; घटना कैमरे में कैद
Kedarnath Dham Avalanche: बीती आठ जून को भी यहां ग्लेशियर टूटने की घटना हुई थी। बीते वर्ष मई व जून में भी चोराबाड़ी से लगे कंपेनियन ग्लेशियर क्षेत्र में पांच बार हिमस्खलन हुआ था।
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केदारनाथ से करीब चार किमी ऊपर हिमालय क्षेत्र से लगे चोराबाड़ी ग्लेशियर में गांधी सरोवर से ऊपर भारी हिमस्खलन हुआ है। जिससे बर्फ का भारी गुबार तेज रफ्तार के साथ नीचे खिसकते हुए गहरी खाई में समा गया।
इस दौरान मंदिर परिसर और केदारनाथ के अलग-अलग क्षेत्रों में खड़े यात्रियों और अन्य लोगों ने इसकी वीडियो बनाई। भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि हिमालय क्षेत्र में इस तरह की घटना होना सामान्य है।
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रविवार सुबह 5.06 बजे हिमालय की मेरु-सुमेरू पर्वत शृंखला के नीचे चोराबाड़ी ग्लेशियर में गांधी सरोवर के ऊपरी क्षेत्र में हिमस्खलन हुआ। धाम में मौजूद गढ़वाल मंडल विकास निगम के कर्मचारी गोपाल सिंह रौथाण ने बताया कि लगभग पांच मिनट तक सफेद धुएं के गुबार को देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि बीते आठ जून को भी चोराबाड़ी ग्लेशियर में हिमस्खलन हुआ था। बता दें कि वर्ष 2022 सितंबर व अक्तूबर में तीन बार हिमस्खलन की घटना हुई थी।
वहीं, 2023 में मई व जून में चोराबाड़ी ग्लेशियर से लगे कंपेनियन ग्लेशियर में भी पांच बार हिमस्खलन हुआ था। तब भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान और वाडिया संस्थान के वैज्ञानिकों ने क्षेत्र का स्थलीय व हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया था। वैज्ञानिक दल ने तब भी इन घटनाओं को हिमालय क्षेत्र में सामान्य बताया था लेकिन केदारनाथ मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा को और बेहतर बनाने पर जोर दिया था। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि चोराबाड़ी ग्लेशियर में हिमस्खलन से जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। साथ ही केदारनाथ सहित पूरा क्षेत्र सुरक्षित है।
लगातार बढ़ते तापमान का असर हिमालय क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। चटक धूप से ग्लेशियर में जमा बर्फ तेजी से पिघल रही है, जिससे हिमस्खलन की घटना होती है। ग्लेशियरों में होने वाली यह एक सामान्य घटना है। केदारनाथ में यह घटना चार किमी ऊपर चोराबाड़ी ग्लेशियर में हुई है, जिससे खतरे की कोई बात नही है, लेकिन मॉनीटरिंग जरूरी है।
- डाॅ. मनीष मेहता, वरिष्ठ वैज्ञानिक वाडिया संस्थान, देहरादून
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