केदारघाटी: हेलीकॉप्टर्स के शोर से प्रभावित नहीं होगी स्कूलों में पढ़ाई, हर स्कूल में हो रहा ये काम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केदारनाथ यात्रा में केदारघाटी के आसमान में दिनभर उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टर्स के तेज शोर से अब यहां के स्कूलों में पठन-पाठन और शिक्षणेत्तर गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी।
यहां हेलीपैड के नजदीकी प्राथमिक से माध्यमिक स्कूलों के कक्षों को साउंड प्रूफ बनाया जा रहा है। इन कक्षों को तैयार करने की जिम्मेदारी प्रशासन द्वारा हेली कंपनियों को सौंपी गई है।
तीन कंपनियों द्वारा स्कूल भवनों में कक्षा-कक्षों को साउंड प्रूफ बनाने का कार्य अंतिम चरण में हैं। यात्राकाल में केदारघाटी के आसमान में दिनभर उड़ान भरते हेलीकॉप्टर्स से शोर आम बात है।
हेलीकॉप्टर का शोर कक्षा में महसूस भी नहीं होगा
इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हेलीपैड के निकट के स्कूल हो रहे हैं, लेकिन अब हेलीकॉप्टर का शोर कक्षा में महसूस भी नहीं होगा। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने केदारनाथ यात्रा में हेली सेवा का संचालन कर रही सभी नौ कंपनियों को अपने हेलीपैड के निकट के दो-दो विद्यालयों में दो-दो साउंड प्रूफ कक्ष तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
बताया कि वर्तमान में केदारनाथ में हेली सेवा का संचालन कर रही ऐरो एविऐशन को खाट, आर्यन एविऐशन को नारायणकोटी, ग्लोबल वेक्ट्रा को सोनप्रयाग व हिमालयन एविऐशन को सेरसी में दो-दो विद्यालयों में साउंड प्रूफ कक्षा-कक्ष बनाने की जिम्मेदारी दे दी गई है।
जबकि हेरिटेज, पवनहंस और यूटीएयर एविऐशन द्वारा जल्द दो-दो विद्यालयों में दो-दो साउंड प्रूफ कक्षा-कक्षों बनाने का कार्य पूरा कर दिया जाएगा। इसके अलावा पिनेकल व ट्रांस भारत एविऐशन को दो-दो विद्यालय सौंपे जाएंगे।