कार्तिक पूर्णिमा 2020: बाहरी प्रदेशों से उत्तराखंड आ रहे 2000 से ज्यादा वाहनों को पुलिस ने बॉर्डर से लौटाया
- कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान प्रतिबंधित होने के चलते सीमा पर पुलिस ने की सख्ती
- अस्थि विसर्जन और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने वालों को दी प्रवेश की अनुमति
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कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर कार्तिक पूर्णिमा पर हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा स्नान पर प्रतिबंध के चलते बाहरी प्रदेशों से पहुंचे दो हजार से अधिक वाहनों को पुलिस ने बॉर्डर से ही लौटा दिया।
इन वाहनों में सवार लोग गंगा स्नान के लिए हरिद्वार या ऋषिकेश आना चाहते थे। इस दौरान यात्रियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक होती रही। केवल उन्हीं लोगों को प्रदेश में आने की अनुमति दी गई, जो अस्थि विसर्जन या फिर किसी जरूरी काम से आ रहे थे। राज्य के लोगों को उनकी आईडी की जांच के बाद प्रवेश दिया गया।
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सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान प्रतिबंधित होने के चलते पुलिस ने स्नानार्थियों को रोकने के लिए जिले से लगती प्रदेश की सीमाओं पर सुबह से ही सख्ती बढ़ा दी थी। नारसन, मंडावर, खानपुर समेत सभी बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ आदि क्षेत्रों से पहुंचे करीब एक हजार वाहनों को नारसन से लौटा दिया गया। भगवानपुर क्षेत्र में मंडावर बॉर्डर पर यूपी, पंजाब हरियाणा समेत अन्य प्रदेशों से आए 200 से अधिक लोगों को बैरंग लौटा दिया गया।
यात्री मान मनौव्वल करते रहे
काली नदी चौकी से भी करीब 100 वाहनों को लौटाया गया। उधर, खानपुर क्षेत्र में पुरकाजी से आने वाले यात्रियों को खानपुर बॉर्डर पर रोक लिया गया। पुलिस ने यहां से करीब 150 वाहनों को लौटाया। बिजनौर की ओर से आने वाले लोगों को बालावाली में बॉर्डर से अंदर आने की अनुमति नहीं दी गई। यहां भी करीब 50 वाहनों को लौटाया गया।
गंगा स्नान के उद्देश्य से बॉर्डर पर पहुंचे यात्री मान मनौव्वल करते रहे, लेकिन पुलिस ने नियमों का हवाला देकर सभी को लौटा दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों को भी उनकी आईडी की बारीकी से जांच करने के बाद ही प्रवेश दिया गया। अस्थियां लेकर पहुंचने वाले लोगों और जरूरी सेवा वाले वाहनों को बिना किसी रोकटोक के प्रवेश दिया गया।
खानपुर थानाध्यक्ष अभिनव शर्मा ने बताया कि रविवार को क्षेत्र के चारों बार्डरों खानपुर पुरकाजी, सिकंदरपुर-पुरकाजी, बालावाली-मंडावर, दल्लावाला-मोरना में सुबह छह बजे ही सख्ती बढ़ा दी गई थी। मंडावर चौकी प्रभारी मनोज ममगाईं ने बताया कि बॉर्डर से दिनभर में बाहरी प्रदेशों से स्नान के लिए पहुंचे करीब 200 वाहनों को लौटाया गया।
तैनात रही पुलिस फोर्स
प्रमुख बॉर्डर के अलावा यूपी से जुड़ने वाले संपर्क मार्गों वाली सीमाओं पर भी रविवार को पुलिस का कड़ा पहरा था। इसके तहत देवबंद रोड से यूपी की तरफ आने वाले वाहनों को सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इसके अलावा मंगलौर गुड़ मंडी से देवबंद की ओर जाने वाले मार्ग पर गोकुलपुर के पास पुलिस ने बैरिकेड लगाकर वाहनों को रोक दिया। इसी तरह झबरेड़ा और लखनौता मार्ग पर भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
नारसन बॉर्डर पर करीब एक हजार वाहनों को लौटाया गया। इसके अलावा अन्य बॉर्डर से भी सैकड़ों वाहन लौटाए गए हैं। कोरोना के चलते कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए आने वाले बाहरी राज्यों के लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। सभी बॉर्डर पर पर्याप्त पुलिस बल चेकिंग के लिए तैनात किया गया है। आज शाम तक सख्ती जारी रहेगी।
-स्वप्न किशोर सिंह, एसपी देहात रुड़की