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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Kargil Vijay Diwas 2022: 75 soldiers of Uttarakhand sacrificed in Kargil war

Kargil Vijay Diwas: देश के लिए शहादत देकर जांबाजों ने लिखी शौर्य गाथा, इन 75 वीर सपूतों पर देवभूमि को नाज

Tue, 26 Jul 2022 03:00 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Tue, 26 Jul 2022 03:00 AM IST
सार

उत्तराखंड को यूं ही वीरों की भूमि नहीं कहा जाता। आजादी से पहले और बाद में हुए युद्धों में देश के लिए शहादत देना उत्तराखंड के शूरवीरों की परंपरा रही है।

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Kargil Vijay Diwas 2022: 75 soldiers of Uttarakhand sacrificed in Kargil war
कारगिल युद्ध - फोटो : सोशल मीडिया(प्रतीकात्मक तस्वीर)

विस्तार

मातृभूमि की रक्षा के लिए मर-मिटने की बात हो तो उत्तराखंड के वीरों का कोई सानी नहीं है। यही वजह है कि जब भी सैनिकों की शहादत को याद किया जाता है तो उत्तराखंड के वीरों के अदम्य साहस के किस्से हर जुबां पर होते हैं। वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भी उत्तराखंड के जांबाज सबसे आगे खड़े मिले। कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 जवानों ने देश रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहूति दी थी। इनमें 37 जवान ऐसे थे, जिन्हें युद्ध के बाद उनकी बहादुरी के लिए पुरस्कार भी मिला था। 

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उत्तराखंड को यूं ही वीरों की भूमि नहीं कहा जाता। आजादी से पहले और बाद में हुए युद्धों में देश के लिए शहादत देना उत्तराखंड के शूरवीरों की परंपरा रही है। कारगिल युद्ध में भी उत्तराखंड के वीरों ने हर मोर्चे पर अपने युद्ध कौशल का परिचय देते हुए दुश्मनों के छक्के छुड़ाए थे। रक्षा मामलों के जानकार बताते हैं कि युद्ध लड़ने में ही नहीं बल्कि युद्ध की रणनीति तय करने और रणभूमि में फतह करने में भी उत्तराखंड के जांबाजों का अहम योगदान रहा है।
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आजादी के बाद से अब तक राज्य के डेढ़ हजार से अधिक सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए अपनी शहादत दी है। किसी मां ने अपना बेटा खोया तो किसी पत्नी ने अपना पति और कई घर उजड़ गए। फिर भी न तो देशभक्ति का जज्बा कम हुआ और न ही दुश्मन को उखाड़ फेंकने का दम। वर्तमान में भी सूबे के हजारों लाल सरहद की निगहबानी में मुस्तैद हैं और देश की रक्षा के लिए अपनी शहादत दे रहे हैं।

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कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के वीर

महावीर चक्र विजेता : मेजर विवेक गुप्ता, मेजर राजेश अधिकारी।
वीर चक्र विजेता : कश्मीर सिंह, बृजमोहन सिंह, अनुसूया प्रसाद, कुलदीप सिंह, एके सिन्हा, खुशीमन गुरुंग, शशि भूषण घिल्डियाल, रुपेश प्रधान और राजेश शाह।
सेना मेडल विजेता : मोहन सिंह, टीबी क्षेत्री, हरि बहादुर, नरपाल सिंह, देवेंद्र प्रसाद, जगत सिंह, सुरमान सिंह, डबल सिंह, चंदन सिंह, मोहन सिंह, किशन सिंह, शिव सिंह, सुरेंद्र सिंह और संजय।
मेन्स इन डिस्पैच : राम सिंह, हरि सिंह थापा, देवेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, मान सिंह, मंगत सिंह, बलवंत सिंह, अमित डबराल, प्रवीण कश्यप, अर्जुन सेन, अनिल कुमार।

किस जनपद से कितने शहीद
जनपद      शहीद 
देहरादून      28
पौड़ी           13
टिहरी          08
नैनीताल       05
चमोली         05
अल्मोड़ा       04
पिथौरागढ़      04
रुद्रप्रयाग       03
बागेश्वर         02
ऊधमसिंह नगर  02
उत्तरकाशी      01

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