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कारगिल विजय दिवस: 20 साल बाद भी कागजों में सिमटी सरकार की घोषणाएं, इंतजार में शहीद के आश्रित
Fri, 12 Jul 2019 10:42 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 12 Jul 2019 10:42 AM IST
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शहीद रमेश थापा
- फोटो : अमर उजाला
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कारगिल युद्ध में देहरादून के गलज्वाड़ी निवासी शहीद रमेश थापा के आश्रितों के लिए सरकार द्वारा की घोषणाएं 20 साल बाद भी धरातल पर नहीं उतरीं। शहीद के नाम पर बनाया गया गद्दूवाला मार्ग भी खस्ताहाल बना हुआ है।
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शहर से सात किलोमीटर दूर ग्राम गलज्वाड़ी निवासी रमेश थापा कारगिल में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। इनकी शहादत पर पूरे शहर में कई दिनों तक शोक सभाएं और कैंडल मार्च निकाले गए।
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सरकार ने इनके आश्रितों के लिए नौकरी, पेट्रोल पंप और जमीन देने की घोषणा की। लेकिन, समय बितने के साथ ही सरकार की यह घोषणाएं पूरी नहीं हो पाई। घोषणाओं के इंतजार में परिजनों की आंखें पथरा गई।
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लेकिन, परिजनों को आज भी उम्मीद है कि सरकार उनकी मदद करेगी। शहीद रमेश थापा की रिश्तेदार राखी गुरुंग ने बताया कि सालों बाद भी सरकार की घोषणाएं पूरी नहीं हो पाई है। इस संबंध में उन्होंने कई बार विधायक से भी बात की, लेकिन समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ। रमेश थापा के भाई शंकर थापा हाल ही में सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं।