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kanwar yatra : चार करोड़ से अधिक कांवड़िए पहुंच सकते हैं इस बार, लाठी डंडे, भाले सहित इन पर रहेगा प्रतिबंध

Wed, 29 Jun 2022 09:14 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 29 Jun 2022 09:14 AM IST
सार

डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि इस बार कांवड़ यात्रा 14 से 26 जुलाई को आयोजित की जा रही है। कोरोना काल के बाद यह पहली कांवड़ यात्रा है। उन्होंने कहा कि इस बार दो साल के अंतराल पर यह यात्रा हो रही है तो कांवड़ियों की संख्या चार करोड़ को भी पार कर सकती है। इसके लिए 10 हजार से भी अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।

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kanwar yatra 2022 : More than four crore kanwariyas can reach this time, Inter-state coordination meeting held at Police Headquarters
dgp, ashok kumar - फोटो : ANI

विस्तार

दो साल के बाद होने जा रही कांवड़ यात्रा में इस बार चार करोड़ से भी अधिक कांवड़िए आने की संभावना है। इस यात्रा की तैयारी के लिए सोमवार को अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक हुई। इसमें सात राज्यों के आला अधिकारियों ने भाग लिया और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर चर्चा की। कांवड़ मेला क्षेत्र को 133 सेक्टरों में बांटा जाएगा। इसकी सुरक्षा व्यवस्था के लिए तकरीबन 10 हजार से अधिक पुलिस फोर्स तैनात की जाएगी। 

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समन्वय बैठक में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, रेलवे सुरक्षा बल, आईबी के अधिकारियों ने प्रत्यक्ष और ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। सबसे पहले डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि इस बार कांवड़ यात्रा 14 से 26 जुलाई को आयोजित की जा रही है। कोरोना काल के बाद यह पहली कांवड़ यात्रा है।
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वर्ष 2016 में दो करोड़ से अधिक कांवड़िए आए थे। जबकि, अगले साल यह संख्या तीन करोड़ को पार कर गई थी। चूंकि, इस बार दो साल के अंतराल पर यह यात्रा हो रही है तो कांवड़ियों की संख्या चार करोड़ को भी पार कर सकती है। उन्होंने सभी राज्यों से इसकी तैयारियों अभी से जुटने को कहा। कांवड़ क्षेत्र को 12 सुपर जोन, 31 जोन और 133 सेक्टरों में बांटा गया है।
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इसके लिए 10 हजार से भी अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। यात्रा की सुरक्षा के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। कांवड़ यात्रा में सोशल मीडिया के माध्यम से शांति व्यवस्था की अपील भी की जाएगी। इसके लिए उन्होंने कांवड़ यात्रा मार्ग पर समुचित ठंग से प्रचार प्रसार करने को भी कहा। 

लाठी डंडे, भाले व अन्य हथियार प्रतिबंधित 

बैठक में हरिद्वार के पुलिस कप्तान डीआईजी डॉ. योगेंद्र रावत ने कहा कि हरिद्वार पुलिस ने कांवड़ मेले की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए उन्होंने प्रचार प्रसार भी शुरू कर दिया है। इसके तहत कांवड़ मेले में यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, यात्रा रूट पर पुलिस प्रबंध आदि की व्यवस्थाओं को देखा जा रहा है। यात्रा में लाठी डंडे, नुकीले भाले व अन्य हथियार पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। सभी थाना पुलिस और अधिकारियों को उनका एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने को भी कहा गया है। ताकि, सूचनाओं का आदान प्रदान समय से किया जा सके। 

नई सड़कों से बदल जाएगा यातायात प्रबंधन 

इस दौरान एडीजी कानून व्यवस्था मेरठ जोन राजीव सभरवाल ने कहा कि 2019 के बाद बहुत सी सड़कें बनी हैं। इनमें ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे का निर्माण हुआ है। इससे भीड़ व यातायात प्रबंधन में बदलाव आएगा। इन सभी जगहों पर साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। यातात्र रूट पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम की भी व्यवस्था की जाएगी। साथ ही साथ सभी जिलों में संदिग्धों के सत्यापन के निर्देश भी दिए गए हैं। 

बंद रहेंगी मीट व शराब की दुकानें 

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर उत्तर प्रदेश प्रशांत कुमार ने कहा कि यात्रा मार्ग पर मीट व शराब की दुकानें बंद रहेंगी। इसके लिए पहले ही व्यवस्था को सुनिश्चित कर लिया जाए। ताकि, शांति व्यवस्था बनाई रखी जा सके। उन्होंने कहा कि कांवड़िए आस्था के वशीभूत रहते हैं। ऐसे में जरूरी है कि उनके साथ सौम्य व्यवहार किया जाए। 

सड़क के बाईं ओर चलेंगे कांवड़िए 

हरिद्वार से दिल्ली/मेरठ वापस जाने के लिए कांवड़ियों को सड़क के बाईं ओर चलना होगा। इसके साथ ही जो शिविर व भंडारे आदि का आयोजन होगा वह किनारे से 15 फीट दूर होगा। इसी को देखते हुए पुलिस और स्थानीय प्रशासन इनकी अनुमति दें। ताकि, बाद में कोई अव्यवस्था न हो। 

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इन पर भी हुई चर्चा 

- कांवड़ यात्रा के दौरान कांवडियों को अपना परिचय पत्र साथ रखने, सात फीट से उंची कांवड न बनाये जाने, रेल की छतों पर यात्रा ना करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। साथ ही शराब एवं मादक पदार्थों के सेवन न करने के संबंध में कांवड़ियों को जागरुक किया जाए।
- जिस जगह से कांवड़िए आ रहे हैं वहां की थाना पुलिस सारी जानकारी हासिल कर ले। इनमें गाड़ी नंबर, जत्थे में शामिल लोगों की संख्या, मोबाइल नंबर आदि शामिल रहेगी। 
- अंतर्राज्यीय बैरियरों/चेक पोस्ट- चिड़ियापुर बैरियर, नारसन चेक पोस्ट, लखनौता चेक पोस्ट, काली नदी बैरियर और गौवर्द्धन चेक पोस्ट पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग की जाएगी। 
-  बेहतर समन्वय के लिए कांवड़ यात्रा को नियुक्त उत्तरप्रदेश, हरियाणा, हिमाचल के नोडल अधिकारी हरिद्वार स्थित कंट्रोल रूम में बैठेंगे।
- सम्पूर्ण कांवड़ यात्रा मार्ग पर मेडिकल कैंप और एंबुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।

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