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'मैंने राजनीति नहीं बल्कि राजनीति ने मुझे चुना'
अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Sun, 20 Apr 2014 03:05 PM IST
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उत्तराखंड की पूर्व डीजीपी एवं हरिद्वार लोकसभा सीट से आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी कंचन चौधरी भट्टाचार्य का कहना है कि मैंने राजनीति नहीं चुनी, राजनीति ने मुझे चुना है।
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खाकी पर खादी है हावी
देश में फैले भ्रष्टाचार, नेताओं के घोटाले और आम आदमी की पीड़ा को देखते हुए राजनीति में आने का फैसला लिया। शनिवार की दोपहर अपने आवास इंद्र कुटीर पर अमर उजाला से बात करते हुए उन्होंने कहा कि खाकी पर खादी हावी है।
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पुलिस के पास पॉवर तो है, लेकिन खादी वाले उसे प्रयोग नहीं करने देते। यदि पुलिस को उनकी पॉवर दे दी जाए तो वह और बेहतर काम कर सकती है। उत्तराखंड की डीजीपी रहते हुए उन्होंने पुलिस को दबावमुक्त बनाने का प्रयास किया था।
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महिला हेल्प लाइन चालू करवाई। महिला पुलिसकर्मियों का ड्यूटी समय निर्धारित किया। पुलिसकर्मी और अधिकारियों के बीच की दूरी को मिटाया।
उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक और वर्तमान सीएम हरीश रावत को जनता परख चुकी है। दोनों आरोप प्रत्यारोप करने में लगे है। हरिद्वार की जनता अब फिर से धोखा नहीं खाएगी।
मोदी लहर को नकारा
इस बार देश की राजनीति में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। हरिद्वार की जनता भी इन दोनों को करारा जवाब देने को तैयार बैठी है।
उन्होंने देश में मोदी लहर को नकारते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी की लहर मीडिया और उनके कुछ कथित नेताओं के बीच में ही है।
लाल बहादुर शास्त्री हैं आदर्श
कंचन चौधरी भट्टाचार्य राजनीति में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को अपना आदर्श मानती हैं। उन्होंने कहा कि लीडर का मतलब पालक होता है।
उसकी तुलना मां से भी की जाती है। लीडर में निर्णय लेने की तीव्र क्षमता, सर्वत्यागी, निस्वार्थ भावना से प्रेरित, दृढ़ इच्छा शक्ति, सर्वगुण संपन्न का होना चाहिए।
ताकि जनता की समस्याओं को उठा सके। लीडर को कभी अहंकार में नहीं रहना चाहिए।
हरिद्वार से है खून का नाता
कंचन चौधरी भट्टाचार्य का कहना है कि हरिद्वार से उनका खून का रिश्ता है। नाना मुकंदलाल शाह हरिद्वार निवासी थे।
नाना समाजसेवी थे और कई आश्रमों और ट्रस्टों को जमीन दान में दी। यही पर गलियों में पली बढ़ी हूं। इसलिए जनपद की भौगोलिक स्थिति से पूरी तरह अवगत हूं।