Uttarkashi: नवरात्र की पहली तिथि से शुरू होगा मलबे में दबे कल्प केदार मंदिर की खोज, ग्रामीण करेंगे सहयोग
धराली आपदा के एक वर्ष बाद भी कल्प केदार मंदिर मलबे में दबा है। करीब पच्चीस फीट मलबे के नीचे दबे इस मंदिर की खोज के लिए ठोस कदम नहीं उठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम देवता समेश्वर देवता ने 5 अगस्त 2026 तक कुछ भी करने से मना किया है।
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जिलाधिकारी प्रशांत आर्य बुधवार शाम को आपदा के एक वर्ष पूरे होने पर धराली गांव के प्रभावित ग्रामीणों से मिलने पहुंचे। वहां पर उन्होंने समेश्वर देवता की देवडोली का आशीर्वाद लेने के बाद गत वर्ष पांच अगस्त को आई आपदा में मृतक लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए ग्रामीणों के साथ मिलकर एक सौ एक पौधों का रोपण किया।
डीएम प्रशांत आर्य ने कहा की ग्रामीण लम्बे समय से मलबे में दबे प्राचीन कल्प केदार मंदिर के पुननिर्माण की मांग कर रहे थे। इसको लेकर आज ग्रामीणों ने समेश्वर देवता की देवडोली से आपदा के एक वर्ष पूरे होने पर मंदिर के पुननिर्माण के लिए शुभ दिन और समय पूछा।
कल्प केदार मंदिर की लोकेशन के स्थान पर कार्य शुरू किया जाएगा
इस पर देवता की ओर से नवरात्र की पहली तिथि को कल्प केदार मंदिर की लोकेशन के स्थान पर कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर को दोबारा निर्माण और पुनउद्धार के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। साथ ही इसमें एएसआई सहित भू-वैज्ञानिक सर्वे भी करवाया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण भी अपनी ओर से सहयोग करना चाहते हैं।
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डीएम ने कहा कि इसके साथ ही धराली में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन क्रमबद्ध तरीके से आयोजन किया जाएगा। जिससे हर प्रभावित परिवारों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल पाएगा। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार के एसडीआरएफ मद से राहत के कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार और प्रशासन की ओर आपदा प्रभावितों को हर सम्भव मदद दी जा रही है।