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कैंची धाम: बाईपास निर्माण को लेकर वन भूमि हस्तांतरण से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ी, मिली सैद्धांतिक स्वीकृति
Fri, 16 May 2025 10:18 AM IST
रेनू सकलानी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 16 May 2025 10:18 AM IST
सार
कैंची धाम बाईपास मोटर मार्ग में शिप्रा नदी पर पर सेतु का भी निर्माण किया जाना है, जिसके प्रथम आठ किमी के निर्माण/चौड़ीकरण डामरीकरण के लिए 1214.71 लाख की धनराशि भी लोक निर्माण विभाग को उपलब्ध कराई गई है।
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कैंची धाम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कैंची धाम के पास बाईपास निर्माण को लेकर वन भूमि हस्तांतरण से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ी है। पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की आरईसी ने वन भूमि हस्तांतरण को लेकर सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है।
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इस संबंध में बीते दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री से मिलकर अनुरोध भी किया था। सीएम धामी ने कैंची धाम के आसपास एनएच 109 में वाहनों के दबाव व जाम के दृष्टिगत सुगम व सुरक्षित यातायात के लिए वर्ष-2023 में कैंची बाइपास मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा की थी।
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19 किमी लंबे कैंची धाम बाईपास मोटर मार्ग में शिप्रा नदी पर पर सेतु का भी निर्माण किया जाना है, जिसके प्रथम आठ किमी के निर्माण/चौड़ीकरण डामरीकरण के लिए 1214.71 लाख की धनराशि भी लोक निर्माण विभाग को उपलब्ध कराई गई है।
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मोटर मार्ग का निर्माण कार्य प्रगति पर है। शेष 11 किमी मोटर मार्ग में वन भूमि आने के कारण वन भूमि हस्तांतरण (11.04 हेक्टेयर) का प्रस्ताव ऑनलाइन पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजा गया था।