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Dehradun News: जीएमवीएन के बंगलों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी

Mon, 02 Oct 2023 12:05 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 02 Oct 2023 12:05 AM IST
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Just before World Tourism Day, there is bad news for the
Iपर्यटन विभाग ने 27 बंगलों का मांगा ब्यौरा, पहले चरण में पांच बंगले पीपीपी मोड पर चलेंगे
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Iरुद्रप्रयाग और श्रीनगर के बंगलों की हो चुकी है टोपोग्राफी सर्वे और वैल्यूएशनI

विश्व पर्यटन दिवस से ठीक पहले गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) से जुड़े कर्मचारियों के लिए बुरी खबर है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) जीएमवीएन के बंगलों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए पर्यटन विभाग ने जीएमवीएन से 27 बंगलों का ब्यौरा मांगा है। पर्यटन विभाग पहले चरण में पांच बंगलों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर चलाने की तैयारी कर रहा है।



यूटीडीबी के संयुक्त निदेशक योगेंद्र कुमार गंगवार की ओर से जीएमवीएन के महाप्रबंधक को जारी पत्र में 27 बंगलों का ब्यौरा मांगा गया है। जीएमवीएन को इन सभी 27 बंगलों का परिसंपत्तियों का भू-स्वामित्व, अभिलेखों में दर्ज भूमि का क्षेत्रफल, भवन निर्माण का वर्ष, भवन का निर्मित क्षेत्रफल, कमरों की संख्या और परिसंपत्ति के लिए मुख्य मार्ग की चौड़ाई बतानी होगी। जबकि इससे पहले पर्यटन विभाग की ओर से रुद्रप्रयाग और श्रीनगर के पर्यटन आवास गृह की टोपोग्राफी सर्वे और वैल्यूएशन किया जा चुका है। इसके लिए जीआईएस एक्सपर्ट अक्षय जायसवाल के नेतृत्व में टीम को भेेजा गया था।
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Iपीपीपी मोड के विरोध में हैं कर्मचारीI

जीएमवीएन के कर्मचारी पीपीपी मोड के विरोध में हैं। इस संबंध में कर्मचारी-संयुक्त कर्मचारी महासंघ पर्यटन मंत्री समेत कई विधायक को पत्र लिख चुके हैं। महासंघ के अध्यक्ष राजेश रमोला ने कहा, जीएमवीएन से गढ़वाल के हजारों कर्मचारी जुड़े हैं। ऐसे में अगर जीएमवीएन को निजी हाथों में दिया जाएगा तो एक बार में ही हजारों कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। महासंघ ने चेतावनी देते हुए कहा, महासंघ की मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो वह उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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Iइन बंगलों का मांगा गया ब्यौराI



पर्यटन विभाग की ओर से पर्यटन आवास गृह लैंसडाउन, टिप एंड टॉप लैंसडाउन, आसान बैराज, डाकपत्थर, होटल द्रोणा देहरादून, गंगा रिजोर्ट ऋषिकेश, ऋषिलोक ऋषिकेश, भरत भूमि ऋषिकेश, कोडियाला, कर्णप्रयाग, राही होटल, पिरान कलियर, चीला, बड़कोट, पुरोला, रैथल, नई टिहरी, पौड़ी, बद्रीनाथ यात्री निवास, घागरिया, औली, केदारनाथ, र्खिशू, श्रीकाेट, जखोली, गुप्तकाशी और सोनप्रयाग के बंगलों का ब्यौरा मांगा गया है।


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Iजीएमवीएन के सभी बंगले पर्यटन विभाग के हैं। हमारे पास सिर्फ इन्हें संचालित करने का जिम्मा है। पर्यटन विभाग की ओर से मांगी गई सूचना जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी। विभाग ने कितने बंगलों का ब्यौरा मांगा है इसकी जानकारी अभी मुझे नहीं है। - विनोद गोस्वामी, प्रबंध निदेशक, जीएमवीएनI
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