जोशी जेल में ही रहेंगे, नहीं मिली जमानत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार उत्तराखंड के अपर सचिव जेपी जोशी की ओर से बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेस्ट की अदालत में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया।
जिसे अदालत ने यह कहकर खारिज कर दिया कि अपराध गैर जमानतीय एवं गंभीर प्रकृति का है। तथ्यों एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अभियुक्त को जमानत नहीं दी जा सकती।
रंजिशन फंसाया गया
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अभियुक्त अपर सचिव जेपी जोशी और अभियोजन दोनो की ओर से अपने-अपने तर्क रखे गए। अभियुक्त की ओर से कहा गया कि उसे झूठा व रंजिशन फंसाया गया है। उसका अपराध से कोई संबंध नहीं है। वे शासन में उच्च अधिकारी और प्रतिष्ठित व्यक्ति है।
जमानती प्रार्थना पत्र का विरोध
इस मामले में उसने बसंत विहार थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। अभियोजन ने अभियुक्त जोशी के जमानती प्रार्थना पत्र का विरोध किया। अदालत ने अभियुक्त का जमानती प्रार्थना पत्र यह कहकर खारिज कर दिया गया कि तथ्यों एवं परिस्थितियों के दृष्टिगत अभियुक्त को जमानत नहीं दी जा सकती।
इसके बाद अपर सचिव जेपी जोशी ने बुधवार को अपना अधिवक्ता बदल दिया। इसके बावजूद फिलहाल कोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिल पाई है।