Joshimath: चिंता... 70 मीटर अंदर तक नहीं मिली चट्टान, भू-धंसाव को लेकर नीदरलैंड की कंपनी कर रही ड्रिलिंग सर्वे
जोशीमठ के सिंहधार वार्ड, मनोहरबाग वार्ड, मारवाड़ी वार्ड सहित छह जगह पर जियो टेक्निकल ड्रिलिंग सर्वे किया जाना है। सर्वे के बाद कंपनी लोनिवि को रिपोर्ट सौंपेगी, जिसे शासन को भेजा जाएगा। जिसके बाद जोशीमठ के लिए योजना तैयार की जाएगी।
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भू-धंसाव प्रभावित जोशीमठ में भूमि के 70 मीटर अंदर तक ड्रिल करने के बाद भी हार्ड रॉक (कठोर चट्टान) नहीं मिली है। यह चिंता का विषय है। सर्वे के लिए 80 मीटर तक ही ड्रिल होनी है।दरअसल जोशीमठ के भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग नीदरलैंड की फुगरो कंपनी से जियो टेक्निकल ड्रिलिंग सर्वे करा रहा है।
कंपनी की ओर से सुनील वार्ड में औली रोड पर 13 नवंबर से ड्रिलिंग शुरू की गई थी। शनिवार तक 70 मीटर तक ड्रिल करने के बाद भी यहां हार्ड रॉक नहीं मिली है। अभी जोशीमठ के सिंहधार वार्ड, मनोहरबाग वार्ड, मारवाड़ी वार्ड सहित छह जगह पर जियो टेक्निकल ड्रिलिंग सर्वे किया जाना है। सर्वे के बाद कंपनी लोनिवि को रिपोर्ट सौंपेगी, जिसे शासन को भेजा जाएगा। जिसके बाद जोशीमठ के लिए योजना तैयार की जाएगी।
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जोशीमठ के औली रोड पर 70 मीटर तक खुदाई के बाद भी हार्ड रॉक नहीं मिली है। 80 मीटर तक ही ड्रिल की जाएगी। तब भी हार्ड रॉक नहीं मिलती है तो अन्य तकनीकी से कार्य किया जाएगा। - राजवीर सिंह चौहान, अधिशासी अभियंता लोनिवि गोपेश्वर