Joshimath: बारिश से सिंहधार में रास्ते का पुश्ता टूटा, खेतों की दरारें बढ़ीं, एक माह बाद खुला बदरीनाथ हाईवे
सिंहधार वार्ड को प्रशासन ने रेड जोन में रखा है। यहां कई आवासीय भवन, पैदल रास्ता और खेल-खलियान भू-धंसाव की चपेट में हैं।
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जोशीमठ में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हुई बारिश के बाद खेतों में पड़ी दरारें बढ़ गई हैं। बारिश से सिंहधार वार्ड में पैदल रास्ते का पुश्ता क्षतिग्रस्त हो गया है जिससे यहां आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं नगर में नई दरारों का फिलहाल कोई मामला सामने नहीं आया है।
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सिंहधार वार्ड को प्रशासन ने रेड जोन में रखा है। यहां कई आवासीय भवन, पैदल रास्ता और खेल-खलियान भू-धंसाव की चपेट में हैं। दो दिनों तक क्षेत्र में हुई बारिश का सबसे अधिक असर यहीं देखने को मिल रहा है। यहां भू-धंसाव से पैदल रास्ता दरारों की चपेट में आ गया था अब बारिश के बाद रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है।
रास्ते का पुश्ता टूटकर खेत में गिर गया है जिससे खेतों में पड़ी दरारें भी चौड़ी नजर आ रही हैं। यहां पुरानी दरारें बढ़ने से लोग आशंकित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दो दिन की बारिश से दरारें बढ़ गई हैं और पुश्ता टूट गया है। यदि बारिश अधिक तेज हुई तो स्थिति और भी बिगड़ सकती है।
एक माह बाद छोटे वाहनों के लिए खुला हाईवे
नगर में भू-धंसाव के चलते प्रशासन ने बदरीनाथ हाईवे पर आवाजाही बंद कर दी थी। अब एक माह बाद हाईवे पर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू करवा दी गई है। नगर में भू-धंसाव के चलते होटल माउंट व्यू और मलारी इन के ध्वस्तीकरण कार्य के कारण एक माह से वाहनों की आवाजाही औली मार्ग से होते हुए मुख्य बाजार तक कराई जा रही थी। 12 जनवरी को ध्वस्तीकरण शुरू होने के साथ ही यहां पर बदरीनाथ हाईवे बंद कर दिया गया था जिससे स्थानीय लोगों के साथ इस क्षेत्र के दुकानदारों को भी भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही थीं। सोमवार को प्रशासन ने बदरीनाथ हाईवे पर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू करवा दी है। हालांकि अभी बड़े वाहनों का आवागमन औली रोड से ही हो रहा है। थानाध्यक्ष केसी भट्ट ने बताया कि बदरीनाथ हाईवे से छोटे वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही है। बड़े वाहन फिलहाल औली मार्ग से होते हुए ही मुख्य बाजार में जाएंगे।
प्री फैब्रिकेटेड घर बनाने का काम अंतिम चरण में
उद्यान विभाग की भूमि पर बनाए जा रहे प्री फैब्रिकेटेड मॉडल घरों को बनाने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। यहां पर 18 जनवरी से प्री फैब्रिकेटेड घर बनाने का काम शुरू हुआ था। यहां पर तीन मॉडल घर बनाए जा रहे हैं जिसमें वन बीएचके घर में टाइल्स बिछाने का काम चल रहा है जबकि टू बीएचके में सिलिंग लगाने के साथ बेडरूम बनाने का काम चल रहा है। वहीं थ्री बीएचके पर अभी बाहर से प्लेट लगाने का काम किया जा रहा है। आपदा प्रभावितों के लिए यहां पर मॉडल हट बनाए जा रहे हैं लेकिन इन घरों का कार्य शुरू हुए एक माह होने वाला है और अभी तक यहां काम पूरा नहीं हो पाया है।
जेपी कॉलोनी में 14 मकानों का ध्वस्तीकरण पूरा
मारवाड़ी स्थित जेपी कंपनी में असुरक्षित 15 मकानों में से 14 का ध्वस्तीकरण कार्य पूरा हो गया है, जबकि यहां अब सिर्फ एक असुरक्षित भवन का ही ध्वस्तीकरण कार्य शेष है। इसके साथ ही होटल माउंट व्यू और मलारी इन के ध्वस्तीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। यहां ध्वस्तीकरण कार्य निचली मंजिलों तक पहुंच गया है। जल्द इनका ध्वस्तीकरण भी पूरा हो जाएगा। वहीं मनोहर बाग वार्ड में दो आवासीय भवनों के साथ ही लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस के ध्वस्तीकरण का काम पूरा हो चुका है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र पटवाल ने बताया कि होटलों का ध्वस्तीकरण कार्य अंतिम चरण में है। जल्द ही होटलों के मलबे का निस्तारण कर लिया जाएगा।