फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Joshimath Is Sinking Sadhus and Saints are worried about cracks lying in Jyotirmath read more updates

Joshimath: ज्योतिर्मठ में पड़ी दरारों से साधु-संत चिंतित, बदरीनाथ जाने के दौरान इसी मठ में डालते हैं डेरा

Wed, 01 Feb 2023 04:12 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ।
संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ। Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 01 Feb 2023 04:12 PM IST
सार

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के शिष्य स्वामी मुकुंदानंद जी महाराज ने कहा कि ज्योतिर्मठ में पड़ी दरारों का प्रशासन की ओर से परीक्षण करवाया है। ज्योतिर्मठ के विषय में शंकराचार्य जी महाराज ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी अवगत कराया है।

विज्ञापन
Joshimath Is Sinking Sadhus and Saints are  worried about cracks lying in Jyotirmath read more updates
जोशीमठ शंकराचार्य आश्रम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नृसिंह मंदिर के समीप स्थित ज्योतिर्मठ में आई दरारों से साधु-संत भी चिंतित हैं। चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ धाम जाने वाले साधु-संतों का इसी मठ में डेरा रहता है। उस दौरान प्रतिदिन मठ में साधु-संतों के लिए भंडारा भी आयोजित किया जाता है। भू-धंसाव का असर ज्योतिर्मठ में भी पड़ा है। यहां आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी स्थल से लेकर ज्योतिर्मठ तक भवनों में जगह-जगह दरारें पड़ी हैं।

विज्ञापन


ज्योतिर्मठ के पुननिर्माण के लिए अभी तक किसी भी स्तर पर कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के शिष्य स्वामी मुकुंदानंद जी महाराज ने कहा कि ज्योतिर्मठ में पड़ी दरारों का प्रशासन की ओर से परीक्षण करवाया है। ज्योतिर्मठ के विषय में शंकराचार्य जी महाराज ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी अवगत कराया है। इसके नवीनीकरण के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...Joshimath: मुसीबत का सबब बना ऑल वेदर रोड का काम, इस वार्ड के कई मकानों में पड़ी दरारें, लगातार हो रहा भूस्खलन
विज्ञापन
विज्ञापन


श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय का कहना है कि आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी स्थल मंदिर समिति के अधीन है। गद्दी स्थल का भवन पुराना और जीर्णशीर्ण है, यहां दीवारों पर पड़ी हल्की दरारें पुरानी हैं। भू-धंसाव का मंदिर परिसर में कोई असर नहीं है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट व सलाह पर शंकराचार्य गद्दी स्थल भवन का जीर्णाद्धार किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed