Joshimath: एनडीएमए की रिपोर्ट के बाद ही बंटेगा प्रभावितों को मुआवजा, लॉटरी से मिलेंगी दुकानें और आवासीय भवन
प्रदेश मंत्रिमंडल ने मुआवजे की दरों का फार्मूला निर्धारित कर दिया है। आपदा प्रभावितों को दुकानों और आवासीय भवनों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से होगा।
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जोशीमठ आपदा प्रभावितों को भवनों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का मुआवजा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की रिपोर्ट आने के बाद दिया जाएगा। प्रदेश मंत्रिमंडल ने मुआवजे की दरों का फार्मूला निर्धारित कर दिया है।
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आपदा प्रभावितों को दुकानों और आवासीय भवनों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से होगा। इसके लिए एसडीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनेगी। सचिव आपदा प्रबंधन रंजीत कुमार सिन्हा और सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुंदरम ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। केंद्र से पैकेज का इंतजार किए बिना राज्य सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाएगा।
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आवासीय भवनों के मुआवजे की दर के लिए फार्मूला तैयार
सरकार ने आवासीय भवनों के मुआवजे के लिए फार्मूला तैयार किया है। इसके तहत बिना कॉलम बने घर के लिए 31081 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा राशि तय की जाएगी। जबकि आरसीसी कॉलम में बने घर के लिए 36386 रुपये प्रति वर्ग मीटर, व्यवसायिक के लिए 39030 रुपये प्रति वर्ग मीटर और आरसीसी से बने व्यवसायिक प्रतिष्ठान के लिए 45921 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा तय किया गया है।
व्यावसायिक भवन के लिए पांच श्रेणियां
सरकार ने व्यावसायिक भवनों के लिए पांच श्रेणियां बनाई हैं। पांच लाख तक की वास्तविक क्षति पर शत-प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा। पांच से 15 लाख तक के लिए, 5 लाख तक शत प्रतिशत उससे अधिक पर 40 प्रतिशत, 15 से 30 लाख तक प्रथम 15 लाख पर 9 लाख रुपये उसे ऊपर 30 प्रतिशत, 30 से 50 लाख तक प्रथम 30 लाख पर 13.50 लाख इससे ऊपर 20 प्रतिशत एवं 50 लाख से ऊपर 17.5 लाख व इससे ऊपर 10 प्रतिशत के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा।