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आस्था के मेले में दून पहुंची पहली संगत
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 14 Mar 2014 10:31 AM IST
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देहरादून को यह नाम देने वाले श्री गुरु रामराय दरबार को समर्पित झंडाजी का मेला 21 मार्च से शुरू होने वाला है।
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इसमें भले ही अभी वक्त है, लेकिन संगतों के दरबार में जुटने का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार (आज) को पहली पैदल संगत दरबार में पहुंच जाएगी।
चैत्र कृष्ण पंचमी को शुरू होता है झंडाजी का मेला
पंजाब से चली यह संगत सहसपुर पहुंच चुकी है, जहां दरबार के महंत देवेंद्र दास महाराज ने संगत का स्वागत किया।
हर वर्ष चैत्र कृष्ण पंचमी को झंडाजी का मेला शुरू होता है।
इससे पहले फागुन शुक्ल त्रयोदशी को पंजाब से पहली संगत दरबार में पहुंचती है। पंजाब से कुछ दिन पूर्व चली पैदल संगत गुरुवार को उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश कर गई।
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सहसपुर स्थित श्री गुरु रामराय इंटर कॉलेज में ठहरी संगत के स्वागत के लिए शाम को महंत देवेंद्र दास वहां पहुंचे। अब त्रयोदशी यानी शुक्रवार को संगत दरबार साहिब पहुंच जाएगी।
इसके साथ ही दरबार में भजन-कीर्तन का दौर शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही संगत मेले और झंडाजी के पूजन की तैयारियों में जुट जाएगी। 21 मार्च से मेला शुरू हो जाएगा।
गुरप्रीत चढ़ाएंगे दर्शनी गिलाफ
मेले में इस बार पंजाब के गुरप्रीत सिंह को झंडेजी पर दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का मौका मिला है। गुरप्रीत को अगले साल गिलाफ चढ़ाना था।
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इस वर्ष पंजाब के महेंद्र राम की बारी थी, लेकिन किसी कारणवश महेंद्र राम ने गुरप्रीत से बारी बदल ली। अब महेंद्र राम अगले साल दर्शनी गिलाफ चढ़ाएंगे।
2098 तक हो चुकी बुकिंग
झंडेजी पर दर्शनी गिलाफ चढ़ाना श्रद्धालुओं के लिए दरबार का आशीष माना जाता है। इसके लिए लोग बुकिंग कराते हैं, लेकिन नंबर वर्षों बाद आता है।
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मेला प्रभारी भगवती प्रसाद सकलानी ने बताया कि दर्शनी गिलाफ की बुकिंग वर्ष 2098 तक हो चुकी है, जबकि शनील की बुकिंग 2035 तक हो गई है।
मिलेगा भरपूर पानी
पिछली बार की तरह इस बार संगतों को पानी की कमी से जूझना न पड़े, इसके लिए दरबार साहिब ने दो ट्यूबवेल बढ़ा दिए हैं। एसजीआरआर प्राइमरी ब्रांच तालाब और मातावाला बाग में ये ट्यूबवेल लगाए हैं।
यहां ठहरेंगी संगत
दरबार साहिब, एसजीआरआर तालाब, बिंदाल, रेसकोर्स, बांबे बाग, मातावाला बाग सहित शहर की धर्मशालाओं में संगतों को ठहराया जाएगा।