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देहरादून : जेई का इस्तीफा नामंजूर, विभागीय विजलेंस जांच की संस्तुति
Thu, 15 Oct 2020 10:36 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 15 Oct 2020 10:36 AM IST
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छावनी परिषद देहरादून (गढ़ी) के जेई सिविल नवनीत क्षेत्री के इस्तीफा बोर्ड ने नामंजूर कर दिया। बोर्ड ने जेई के खिलाफ विभागीय विजिलेंस जांच की संस्तुति की है। इसके लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया। समिति जेई की ओर से विगत आठ सालों में किए कार्यों की जांच करेगी। वहीं जेई ने बोर्ड बैठक शुरू होने से पहले क्षमा मांगते हुए अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए पत्र लिखा है।
बता दें, छावनी परिषद के जेई नवनीत क्षेत्री ने सोमवार को अचानक छावनी कार्यालय में अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इस्तीफे में उन्होंने इस्तीफे का कारण निजी बताया था। कहा था कि वह पढ़ाई करने चाहते हैं। इसके लिए उन्हें समय चाहिए। ठीक इसी दौरान एक पत्र भी तेजी से वायरल हुआ था। जिसमें कैंट बोर्ड अध्यक्ष, सीईओ, सभासदों पर प्रेमनगर स्थित एक अवैध प्लाटिंग को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे। जेई के इस्तीफे और पत्र के बाद बुधवार को छावनी परिषद की स्पेशल बोर्ड मीटिंग बुलाई गई।
बैठक में क्षेत्री के इस्तीफे और फिर बोर्ड बैठक से इस्तीफा वापस लेने के पत्र पर चर्चा की गई। जेई के इस व्यवहार पर छावनी अध्यक्ष ब्रिगेडियर आरएन सिंह नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जेई से बीते आठ वर्ष के दौरान अवैध निर्माण पर कार्रवाई की रिपोर्ट और बीते नौ महीने में विकास कार्यों में खर्च बजट के साथ हुए निर्माण की रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
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उन्होंने मामले में प्रेमनगर की एक विवादित प्लाटिंग का जिक्र भी किया। कहा कि इस मामले में एक पत्र भेजकर छावनी के सभी अफसरों को बदनाम करने की कोशिश की गई। कैंट बोर्ड के सभी अधिकारियों के नाम इसमें शामिल हैं, लेकिन जेई की तारीफ की गई है। जो संदेह पैदा कर रही है। ऐसे में उनके खिलाफ विजिलेंस जांच जरूर कराएंगे। इस पर बोर्ड ने सहमति जता दी है।
ब्रिगेडियर सिंह ने कहा कि सोमवार तक जांच समिति गठित कर ली जाएगी। बोर्ड बैठक में मसूरी विधायक गणेश जोशी भी शामिल हुए। उन्होंने विकास के कई प्रस्तावों पर चर्चा की। इस मौके छावनी सीईओ तनु जैन, कार्यालय अधीक्षक शैलेंद्र शर्मा, सभासद और मनोनीत सदस्य शामिल रहे।
स्पोर्ट्स हॉल के लिए बनेगी एसओपी
प्रेमनगर जनरल विंग में विधायक निधि से बहु उपयोगी क्रीड़ा हाल तैयार है। इसमें बैडमिंटन समेत अन्य गतिविधियां संचालित होनी हैं। क्रीड़ा हाल के संचालन करने के लिए बोर्ड ने प्रत्येक छात्र से प्रति महीने 1500 रुपये से अधिक का शुल्क तय कर रखा है। बोर्ड बैठक में इस शुल्क पर विरोध हो गया। इसके बाद तय हुआ कि प्रेमनगर के चारों सभासद संचालक के एसओपी बनाएंगे। इसमें इतनी फीस का प्रस्ताव रखा जाएगा कि हॉल का खर्च निकल सके।
डोर टू डोर कूड़ा उठान के लिए होंगे री-टेंडर
बोर्ड बैठक में कैंट क्षेत्र में डोर टू डोर कूड़ा उठान पर भी चर्चा की गई। सीईओ तनु जैन ने बताया कि पहले भी इसके लिए टेंडर किए थे। जिसमें तीन कंपनियों ने भाग लिया था। इनमें अब तक काम करने वाली कंपनी भी शामिल है, लेकिन इनके खिलाफ शिकायत मिली है। इसके बाद तय किया गया कि एक माह के अंदर इसके लिए री-टेंडर किए जाएंगे।
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बता दें, छावनी परिषद के जेई नवनीत क्षेत्री ने सोमवार को अचानक छावनी कार्यालय में अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इस्तीफे में उन्होंने इस्तीफे का कारण निजी बताया था। कहा था कि वह पढ़ाई करने चाहते हैं। इसके लिए उन्हें समय चाहिए। ठीक इसी दौरान एक पत्र भी तेजी से वायरल हुआ था। जिसमें कैंट बोर्ड अध्यक्ष, सीईओ, सभासदों पर प्रेमनगर स्थित एक अवैध प्लाटिंग को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे। जेई के इस्तीफे और पत्र के बाद बुधवार को छावनी परिषद की स्पेशल बोर्ड मीटिंग बुलाई गई।
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बैठक में क्षेत्री के इस्तीफे और फिर बोर्ड बैठक से इस्तीफा वापस लेने के पत्र पर चर्चा की गई। जेई के इस व्यवहार पर छावनी अध्यक्ष ब्रिगेडियर आरएन सिंह नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जेई से बीते आठ वर्ष के दौरान अवैध निर्माण पर कार्रवाई की रिपोर्ट और बीते नौ महीने में विकास कार्यों में खर्च बजट के साथ हुए निर्माण की रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
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उन्होंने मामले में प्रेमनगर की एक विवादित प्लाटिंग का जिक्र भी किया। कहा कि इस मामले में एक पत्र भेजकर छावनी के सभी अफसरों को बदनाम करने की कोशिश की गई। कैंट बोर्ड के सभी अधिकारियों के नाम इसमें शामिल हैं, लेकिन जेई की तारीफ की गई है। जो संदेह पैदा कर रही है। ऐसे में उनके खिलाफ विजिलेंस जांच जरूर कराएंगे। इस पर बोर्ड ने सहमति जता दी है।
ब्रिगेडियर सिंह ने कहा कि सोमवार तक जांच समिति गठित कर ली जाएगी। बोर्ड बैठक में मसूरी विधायक गणेश जोशी भी शामिल हुए। उन्होंने विकास के कई प्रस्तावों पर चर्चा की। इस मौके छावनी सीईओ तनु जैन, कार्यालय अधीक्षक शैलेंद्र शर्मा, सभासद और मनोनीत सदस्य शामिल रहे।
स्पोर्ट्स हॉल के लिए बनेगी एसओपी
प्रेमनगर जनरल विंग में विधायक निधि से बहु उपयोगी क्रीड़ा हाल तैयार है। इसमें बैडमिंटन समेत अन्य गतिविधियां संचालित होनी हैं। क्रीड़ा हाल के संचालन करने के लिए बोर्ड ने प्रत्येक छात्र से प्रति महीने 1500 रुपये से अधिक का शुल्क तय कर रखा है। बोर्ड बैठक में इस शुल्क पर विरोध हो गया। इसके बाद तय हुआ कि प्रेमनगर के चारों सभासद संचालक के एसओपी बनाएंगे। इसमें इतनी फीस का प्रस्ताव रखा जाएगा कि हॉल का खर्च निकल सके।
डोर टू डोर कूड़ा उठान के लिए होंगे री-टेंडर
बोर्ड बैठक में कैंट क्षेत्र में डोर टू डोर कूड़ा उठान पर भी चर्चा की गई। सीईओ तनु जैन ने बताया कि पहले भी इसके लिए टेंडर किए थे। जिसमें तीन कंपनियों ने भाग लिया था। इनमें अब तक काम करने वाली कंपनी भी शामिल है, लेकिन इनके खिलाफ शिकायत मिली है। इसके बाद तय किया गया कि एक माह के अंदर इसके लिए री-टेंडर किए जाएंगे।