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जौनसार की बेटी ‘स्वाति’ ने बढाया उत्तराखण्ड का मान
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आईआईटी खड़गपुर में संपन्न हुई 54वीं अंतर आईआईटी महिला बास्केटबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतन?
- फोटो : VIKAS NAGAR
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जौनसार बावर की बेटी स्वाती रावत ने आईआईटी खड़गपुर में संपन्न हुई 54वीं अंतर आईआईटी महिला बास्केटबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत कर इतिहास रच दिया। स्वाती की कप्तानी की बदौलत आईआईटी खड़गपुर के इतिहास में करीब 22 साल बाद यह पहला मौका आया है। जब महिला बॉस्केटबॉल का खिताब उसके झोले में गया है।
मूल रूप से कालसी विकासखंड के झुसौ-भाखरो की रहने वाली स्वाती वर्तमान में आईआईटी खड़गपुर में एमटैक इंडिग्रेटेड डिग्री की चतुर्थ वर्ष की छात्रा है। उनके पिता आनंद सिंह रावत वर्तमान में एफआरआई देहरादून में ‘तकनीकी अधिकारी’ के पद पर कार्यरत हैं। स्वाती की कप्तानी में रचे गए इस इतिहास से क्षेत्रीय लोगों में हर्ष की लहर है।
स्वाति की स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय एफआरआई से हुई है। स्वाति को बचपन से ही खेलकूद का खासा शौक रहा है। स्वाति का कहना है कि यदि अपनी रुचि के अनुसार तन-मन से मेहनत की जाए तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। उन्होंने कहा कि वे अपनी पढाई के साथ-साथ खेलकूद में भी अपना योगदान जारी रखेंगी। स्वाति का सपना पढाई पूरी करके इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भारत की सेवा करते हुए भारत की समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देने का है। स्वाति ने 14 से 23 दिसंबर तक आयोजित हुए इस खेल प्रतियोगिता में बतौर बॉस्केट बॉल टीम के कप्तान के रूप में प्रतिभाग किया था।
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मूल रूप से कालसी विकासखंड के झुसौ-भाखरो की रहने वाली स्वाती वर्तमान में आईआईटी खड़गपुर में एमटैक इंडिग्रेटेड डिग्री की चतुर्थ वर्ष की छात्रा है। उनके पिता आनंद सिंह रावत वर्तमान में एफआरआई देहरादून में ‘तकनीकी अधिकारी’ के पद पर कार्यरत हैं। स्वाती की कप्तानी में रचे गए इस इतिहास से क्षेत्रीय लोगों में हर्ष की लहर है।
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स्वाति की स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय एफआरआई से हुई है। स्वाति को बचपन से ही खेलकूद का खासा शौक रहा है। स्वाति का कहना है कि यदि अपनी रुचि के अनुसार तन-मन से मेहनत की जाए तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। उन्होंने कहा कि वे अपनी पढाई के साथ-साथ खेलकूद में भी अपना योगदान जारी रखेंगी। स्वाति का सपना पढाई पूरी करके इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भारत की सेवा करते हुए भारत की समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देने का है। स्वाति ने 14 से 23 दिसंबर तक आयोजित हुए इस खेल प्रतियोगिता में बतौर बॉस्केट बॉल टीम के कप्तान के रूप में प्रतिभाग किया था।
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