23 साल बाद ONGC के भ्रष्टाचारी निदेशक को जेल
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आय से अधिक संपत्ति के मामले में ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) के पूर्व निदेशक को दो साल की सजा सुनाई गई है। सीबीआई की विशेष अदालत ने 23 साल पुराने मामले में यह फैसला सुनाया है।
ओएनजीसी के तत्कालीन निदेशक मूल रूप से दिल्ली और दून में राजपुर रोड निवासी जोध सिंह पर आरोप था कि वर्ष 1980 से 1991 के कार्यकाल के दौरान उन्होंने पद का दुरुपयोग कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित की।
सीबीआई की जांच में उनके पास आय से अधिक छह लाख 71 हजार रुपये की संपत्ति पाई गई। 23 वर्ष तक चले इस मामले में लोक अभियोजक अधिकारी पंकज गुप्ता ने दोषी के खिलाफ 18 गवाह पेश किए। अदालत में अपने खिलाफ पेश किए अधिकतर दस्तावेजों को खुद सिंह ने भी सही बताया।
सजा के बाद मिली जमानत
बृहस्पतिवार को सीबीआई विशेष जज अमित कुमार सिरोही की अदालत ने सिंह को दो साल की कैद और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर अस्सी वर्षीय जोध सिंह को तीन माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
सीबीआई विशेष अदालत के फैसला सुनाने के बाद पूर्व निदेशक सिंह ने अदालत में जमानत याचिका पेश की। अदालत ने सिंह को जमानत पर छोड़ दिया।
कानून विशेषज्ञों के मुताबिक तीन साल से कम अवधि की सजा पाने वाले दोषियों को अदालत जमानत दे सकती है। बताया जा रहा है कि सिंह अब फैसले को ऊंची अदालत में चुनौती दे सकते हैं।