उत्तराखंड में अब उद्यम लगाना हुआ और आसान
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उत्तराखंड में पूंजी निवेश और उद्यम लगाने की राह अब और आसान हो गई है। प्रदेश में एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन अधिनियम लागू किया गया है। अधिनियम के अनुसार सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम स्तर के उद्यमों की स्थापना के प्रस्तावों पर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला प्राधिकृत समिति द्वारा निर्णय लिया जाएगा।
विभाग अधिकतम 15 दिन में स्वीकृतियां, अनापत्तियां और अनुज्ञापन आदि जारी करेंगे। भारी उद्यमों की स्थापना से संबंधित निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य प्राधिकृत समिति लेगी।
अपर निदेशक उद्योग, सुधीर चंद्र नौटियाल ने बताया कि यदि कोई विभाग निर्धारित समय-सीमा में आवेदन का निस्तारण नहीं करता तो डीम्ड स्वीकृति जारी किए जाने की व्यवस्था की गई है।
अलग-अलग विभागों में आवेदन से अब राहत
एकल खिड़की व्यवस्था के तहत विभिन्न विभागों में अलग-अलग आवेदन पत्र नहीं देने पड़ेंगे। कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म की व्यवस्था की गई है, जो सभी विभागों को स्वीकार्य होगा और इसी आधार पर सभी विभाग अपनी स्वीकृति देंगे।
अधिनियम के सफल क्रियान्वयन के लिए जिलास्तर पर जिला प्राधिकृत समिति और राज्य स्तर पर राज्य प्राधिकृत समिति की व्यवस्था की गई है। जिलास्तर पर जिला उद्योग केंद्र नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेंगे और राज्य स्तर पर उद्योग निदेशालय यह कार्य संपादित करेगा।
नोडल एजेंसी यह आवेदन संबंधित विभागों को भेजेगी। समितियों की बैठकें माह में 15 दिन के अंतराल पर दो बार होंगी। एकल खिड़की व्यवस्था को ऑनलाइन करने के लिए अर्नस्ट एंड यंग कंपनी को चयनित किया गया है। एकल खिड़की व्यवस्था के ऑनलाइन होने तक विभाग अधिनियम को मैनुअली क्रियान्वित करेगा।