फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Iran Israel war 32 pilgrims and students from Mangalore region stranded in Iran Uttarakhand News in hindi

Roorkee: ईरान में फंसे मंगलौर क्षेत्र के 32 तीर्थयात्री और छात्र, परिजनों का पिछले कई दिनों से नहीं हुआ संपर्क

Wed, 18 Jun 2025 10:51 AM IST
रेनू सकलानी अरविंद गोयल, संवाद न्यूज एजेंसी, मंगलौर (रुड़की)
अरविंद गोयल, संवाद न्यूज एजेंसी, मंगलौर (रुड़की) Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 18 Jun 2025 10:51 AM IST
सार

ईरान और इस्राइल के बीच जंग के कारण उड़ानें रद्द होने से वापसी के सभी रास्ते बंद है। लोगों ने भारत सरकार से ईरान में फंसे लोगों को सकुशल वापस लाने की मांग की।

विज्ञापन
Iran Israel war 32 pilgrims and students from Mangalore region stranded in Iran Uttarakhand News in hindi
ईरान और इस्राइल में संघर्ष - फोटो : PTI

विस्तार

ईरान और इस्राइल के बीच हो रहे युद्ध में मंगलौर इलाके से ईरान गए तकरीबन 15 तीर्थयात्री और इस्लामिक स्टडीज के लिए ईरान गए 17 छात्र फंस गए हैं। उड़ानें रद्द होने से उनकी वापसी मुश्किल हो गई है। यहां उनके परिजनों की फिक्र में नींद उड़ी हुई है। ईरान गए लोगों में मंगलौर, टांडा भनेड़ा व जैनपुर झंझेड़ी के युवक भी शामिल हैं।

विज्ञापन


परिजनों ने भारत सरकार से उनके बच्चों व परिजनों को सकुशल वापस लाने की मांग की है। मंगलौर इलाके से हर साल काफी लोग धार्मिक यात्रा के लिए ईरान और इराक जाते हैं। इस साल भी मंगलौर क्षेत्र से 15 जायरीन ईरान गए हुए हैं। जत्थे में उनके साथ महिलाएं व बच्चे भी हैं।
विज्ञापन


बताया गया है कि सभी ने इराक के पवित्र स्थलों की जियारत की और फिर ईरान पहुंचे, लेकिन वापसी का समय आया तो इस्राइल ने ईरान पर बड़े हवाई हमले कर दिए। इसके बाद ईरान ने अपनी हवाई सेवाएं बंद कर दी। हमलों के बीच फोन पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजनों को चिंता सता रही है। सभी उनकी सलामती व सकुशल वापसी की दुआ कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

17 छात्र भी ईरान में फंसे

तीर्थ यात्रियों के अलावा मंगलौर इलाके के 17 छात्र भी ईरान में फंसे हुए हैं। ये छात्र इस्लामिक स्टडीज के लिए वहां विभिन्न मदरसों में शिक्षा हासिल कर रहे हैं। हर साल मोहर्रम से पहले इनको छुट्टी मिलती है और भारत लौट आते हैं। लेकिन इस बार युद्ध ने उनकी वापसी पर पानी फेर दिया है।

ये भी पढ़ें...केदारनाथ आपदा : 12 साल बाद भी 702 डीएनए नमूनों काे अपनों का इंतजार, रहस्य बनी हुई मारे गए लोगों की पहचान

ईरान में पढ़ रहे बेटे से तीन दिन से नहीं हो पा रहा संपर्क

मौलाना सिब्ते हसन ने बताया कि उनका बेटा तीन साल से ईरान में रहकर तालीम हासिल कर रहा है। पिछले तीन दिनों से उससे संपर्क नहीं हो पाया है। उनको बेटे की चिंता सता रही है। उन्होंने भारत सरकार से ईरान में फंसे सभी भारतीयों को सकुशल वापस लाने की मांग की हैं।

मोहम्मद राहत, मुशीर, इमाम अली, कासिम, सरताज, मौलाना जीशान अली, मोहम्मद शाह रजा, मोहम्मद तबरेज, मोहम्मद राहिब, मौलाना मोहसिन अली, मौलाना अबुल हसन, अली खान, हसन रजा, आले हसन, अहसान, शाकिर आदि ने बताया कि उनके बच्चे भी शिक्षा हासिल करने ईरान गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से बच्चों से फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा हैं। ईरान पर हो रहे इस्राइल के हवाई हमलों को लेकर उनकी चिंता बढ़ी हुई हैं। बच्चे किस हाल में हैं कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने भारत सरकार से उनके बच्चों को ईरान से वापस लाने की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed