पुत्र जीवक बीज से फिर बढ़ी बाबा रामदेव की मुश्किलें
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योगगुरु रामदेव के पतंजलि आयुर्वेद के प्रोडक्ट दिव्य पुत्र जीवक दवा की जांच पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत शुरू हो गई है। इसके लिए सीएमओ के निर्देशन में पांच सदस्यीय टीम जांच बनाई गई है। रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।
शासन ने हरिद्वार सीएमओ डा. सुषमा गुप्ता को पीसी एंड पीएनडीटी (पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक) एक्ट-1994 रामदेव की 'दिव्य पुत्रजीवक बीज’ की जांच के आदेश मिले है।
उन्होंने पांच सदस्यीय टीम बनाकर जांच शुरू कर दी है। टीम में एक्ट के वरिष्ठ अधिकारी, एक आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर एवं महिला आयोग में रह चुकी एक पदाधिकारी को सदस्य बनाया गया है।
पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत होगी जांच
सीएमओ डॉ. सुषमा गुप्ता ने बताया कि जांच शुरू कर दी है। टीम के साथ बैठक कर शीघ्र ही दिशा निर्देश और मानकों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने के लिए निर्णय लिया जाएगा।
इससे पहले शासन स्तर से भी जांच में टीम क्लीन चिट दे चुकी है। लेकिन बाद में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत जांच कराने का निर्णय लिया गया।
हालांकि रामदेव का दावा करते है कि इसमें लड़का पैदा करने का वादा नहीं किया गया है और दावा किया कि इसका नाम पौधे के वैज्ञानिक नाम ‘पुत्रन्जीवा रॉक्सबुर्गी वाल’ के नाम पर रखा गया है।