फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   International Women's Day 2023 Struggle Story haridwar women e-rickshaw driver

International Women's Day: ई-रिक्शा का स्टेयरिंग पकड़ा तो दौड़ी किरण की जिंदगी की गाड़ी, पढ़ें संघर्ष की कहानी

Wed, 08 Mar 2023 09:18 PM IST
अलका त्यागी निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार
निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 08 Mar 2023 09:18 PM IST
सार

International Women's Day 2023: सड़क पर तमाम मुश्किलें झेलने और रिश्तेदारों के तानों से किरण ने हौंसला नहीं छोड़ा। पढ़ें हरिद्वार की पहली महिला ई रिक्शा चालक किरण के संघर्ष की कहानी...

विज्ञापन
International Women's Day 2023 Struggle Story haridwar women e-rickshaw driver
ई-रिक्शा ड्राइवर किरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोई भी नया काम मुश्किल जरूर हो सकता है, लेकिन नामुकिन नहीं। देवपुरा की किरण ने इसे साबित किया है। पति के निधन के बाद दो बेटियों और बेटे की परवरिश की जिम्मेदारी ने किरण के हाथों में ई-रिक्शा की स्टेयरिंग थमा दी। हरिद्वार में पहली ई-रिक्शा चलाने वाली महिला की पहचान दे दी।

विज्ञापन


Holi 2023: होली के रंग में रंगा उत्तराखंड, खूब उड़ा अबीर गुलाल, ढोल पर जमकर झूमे लोग, ऐसे मना जश्न, तस्वीरें
विज्ञापन


सड़क पर तमाम मुश्किलें झेलने और रिश्तेदारों के तानों से किरण ने हौंसला नहीं छोड़ा। किरण ने ई-रिक्शा चलाते हुए दोनों बेटियों को बीएड करवाने के बाद उनकी शादी करवा दी। बेटे को पढ़ा रही हैं। घर का कामकाज करने के साथ किरण प्रत्येक दिन छह घंटे सड़कों पर ई-रिक्शा चलाकर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती है। देवपुरा की किरण की उम्र 45 साल से अधिक है, लेकिन उसका हौसला युवाओं से कम नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

पति का बीमार से हुआ निधन

2010 में किरण के पति नेकसु सिंह की बीमारी से निधन हो गया। दो बेटियां और एक बेटी की भरण पोषण की जिम्मेदारी किरण पर आ गई। नाते-रिश्तेदारों ने मुंह फेर लिया। किरण ने दूसरों के घरों में बर्तन माजकर और झाड़ू पोंछा कर बच्चों की पढ़ाई नहीं छूटने दी। सुबह-शाम बच्चों के साथ गंगा घाटों पर प्रसाद और केन बेचनी शुरू कर दी। कुछ रुपये जमा करने के बाद किरण ने 2017 में एक पुराना आटो लिया।

दिहाड़ी पर ड्राइवर रखा वो भाग निकला

ऑटो के लिए दिहाड़ी पर ड्राइवर रखा, लेकिन ड्राइवर ऑटो लेकर भाग निकला। किरण इस घटना के बाद टूट गई। 2019 में किरण ने खुद ऑटो चलाने की ठान ली। ई-रिक्शा खरीदा और सड़क पर चलाने उतर गई। किरण हरिद्वार की पहली ऐसी महिला थी जो ई-रिक्शा दौड़ाने लगी। हर कोई किरण को देखकर ताज्जुब करता। कोई यात्री किरण का हौसला बढ़ाता को कई ताने भी मारता।

किरण ने किसी की परवाह नहीं की और ई-रिक्शा को परिवार की आजीविका का साधन बना लिया। मूल रूप से नजीबाबाद की किरण ने बताती हैं, ई-रिक्शा चलाकर बेटियों को बीएड करवाया। उनकी शादी करवा दी है। अब बेटा है और उसे पढ़ा रही है। किरण बताती है, सुबह घर का कामकाज कर ई-रिक्शा लेकर निकलती है। दोपहर में घर में खाना बनाने आती हैं और फिर खाकर निकल जाती हैं।

लोगों ने दिए ताने पर नहीं मानी हार

शाम को फिर सड़क पर ई-रिक्शा लेकर निकल पड़ती हैं। गंगा आरती के बाद रात 11 बजे तक सवारियों को उनके गंतव्य तक छोड़ती हैं। शुरुआत में लोग ताने मारते थे। डर भी लगता है, लेकिन डर को भगाया और तानों को नजरअंदाज किया। आज हरकी पैड़ी से नगर कोतवाली तक सवारियों को ले जाती हैं। किरण कहती हैं कोई भी काम नामुमकिन नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed