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उत्तराखंड: अंतरराष्ट्रीय किडनी रैकेट का सरगना गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर करता था डोनरों को तलाश

Tue, 17 Dec 2019 09:09 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 17 Dec 2019 09:09 AM IST
सार

  • देश-विदेश के डॉक्टर, डाइग्नोस्टिक सेंटर, एजेंट और ब्रोकर्स को किया गिरोह में शामिल 
  • चीन, श्रीलंका, बेलारूस, टर्की, मिश्र, नेपाल आदि देशों में फैला हुआ है नेटवर्क

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International kidney racket Mastermind Arrested in Kotdwar Uttarakhand
किडनी रैकेट का सरगना गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड के कोटद्वार में किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर एक परिवार से करीब 50 लाख की ठगी करने वाला अमरीश प्रताप अंतर्राष्ट्रीय किडनी रैकेट का सरगना निकला। मूलरूप से मेरठ निवासी अमरीश प्रताप का किडनी ट्रांसप्लांट का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर में फैला है।

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कोतवाली पुलिस ने उससे पूछताछ और साक्ष्य एकत्र कर यह जानकारी दी है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की जांच कर रही है। सोमवार को मामले का खुलासा करते अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय ने बताया कि कोटद्वार के उमेश नगर नजीबाबाद रोड निवासी सुभाष फूल पुत्र स्व. श्रवण दास ने पिछले 29 अक्तूबर को कोतवाली में किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर ठगी करने के मामले में एक आरोपी के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी।

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पीड़ित की तहरीर पर हुई जांच के बाद पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय किडनी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि अमरीश प्रताप का किडनी ट्रांसप्लांट का नेटवर्क अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चीन, श्रीलंका, बेलारूस, टर्की, मिश्र, नेपाल आदि देशों में फैला हुआ है। 

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भोपाल के अपार्टमेंट में रह रहा था आरोपी

आरोपी के खिलाफ कोटद्वार पुलिस ने अब तक की जांच के आधार पर आईपीसी की धारा 406, 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी अमरीश प्रताप को दबोचने के लिए पहले उसके नोएडा स्थित आवास पर दबिश दी गई थी, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद उसके बैंक खातों में उसका भोपाल का पता मिलने पर वहां दबिश दी गई, लेकिन वह वहां भी नहीं मिला।


उपनिरीक्षक कमलेश शर्मा की अगुवाई में पुलिस टीम ने भोपाल में ही डेरा डाल दिया। वहां मुखबिरों का जाल बिछाया गया, जिससे पता चला कि आरोपी भोपाल में ही अपार्टमेंट में रह रहा है और पुलिस ने 13 दिसंबर को उसे दबोच लिया।

 

आरोपी दिल्ली भागने की फिराक में था। भोपाल की स्थानीय कोर्ट से आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर रविवार देर शाम कोटद्वार लाया गया। सोमवार को उसे स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जेल भेज दिया गया है।

 

इस मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में एएसपी प्रदीप कुमार राय, सीओ अनिल जोशी, कोतवाल मनोज रतूड़ी, एसएसआई प्रदीप नेगी, एसआई कमलेश शर्मा, एसआई सुनील पंवार आदि शामिल रहे। 

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