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इंटरनेशनल एंटी ड्रग्स डे 2018: पहेली बन गया देश में नशे का सौदागर खान, आज भी खौफ खाती है पुलिस

Tue, 26 Jun 2018 10:06 AM IST
रुद्रेश/अमर उजाला, देहरादून
रुद्रेश/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 26 Jun 2018 10:06 AM IST
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International Anti Drugs Day 2018: special story about drugs supplier terror

नशे के खिलाफ पुलिस लगभग रोज नए-नए तस्करों को दबोचने का दावा करती है। पिछले तीन महीने में ही लगभग 160 लोगों को पुलिस ने नशीले पदार्थ बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। हर मामले में तस्कर के पहली या दूसरी बार पकड़े जाने का दावा किया जाता है, मगर ज्यादातर में एक नाम जो बार-बार दोहराया जाता है वो है बरेली का ‘खान’।

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दावा होता है कि ये तस्कर इस खान से ही नशा लाकर दून में बेचते हैं। अब सवाल यह है कि आखिर ये खान है कौन? क्या यह वाकई कोई नशे का बड़ा सौदागर है या पुलिस की कहानी का कोई काल्पनिक पात्र? हैरान करने वाली बात यह है कि सालों से इस खान के बारे में पुलिस अधिक जानकारी नहीं जुटा सकी है। अब इसे पुलिस की महज कहानी समझें या खान का खौफ जो पुलिस इसके बारे में महज एक शब्द के अलावा कुछ नहीं जान सकी।
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पुलिस पिछले चार सालों से नशे के विरुद्ध अलग-अलग नामों से अभियान चला रही है। पिछले साल बाकायदा एक टास्क फोर्स का गठन तक कर दिया गया। अभियान पर उच्चाधिकारियों की लगातार नजर है तो थाने-चौकी भी कोरम पूरा करने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ते। हर दिन किसी न किसी थाने में एनडीपीएस एक्ट का गुडवर्क जरूर दर्ज किया जाता है।

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ये हुई कार्रवाईयां

International Anti Drugs Day 2018: special story about drugs supplier terror
ड्रग्स - फोटो : amar ujala

एक-दो या कभी तीन से चार तस्करों को स्मैक, चरस, डोढ़ा, भांग आदि नशीले पदार्थों के साथ दबोचा जाता है। ये सभी देहरादून, सहारनपुर, हरिद्वार, बिजनौर आदि आस-पड़ोस के जनपदों के रहने वाले बताए जाते हैं। इन्हीं गुडवर्क के सहारे पुलिस अपनी पीठ थपथपाने में पीछे नहीं रहती। मगर इस बीच एक बात सभी खटकती है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर दून में नशा कौन सप्लाई करता है? दरअसल, इस प्रश्न को भी पुलिस की अपनी कार्यप्रणाली ही जन्म देती है।

कारण साफ है कि आज तक पुलिस ने इस धंधे की ऐसी किसी बड़ी मछली पर हाथ नहीं डाला है जिसके सहारे नशे के इस गठजोड़ का भांडा फोड़ हो सके। अलबत्ता ‘टूटे-फूटे’ नाम जरूर सामने आते हैं। इन्हीं में से एक है बरेली का खान। चरस और स्मैक के मामलों में पुलिस का दावा होता है कि पूछताछ में आरोपियों ने बरेली के किसी खान नाम बताया है। जबकि, भांग, डोढा आदि के मामले में हिमाचल के इसी तरह के एक पात्र का नाम सामने आता है।

ये हुई कार्रवाईयां
साल 2017
चरस-88 किलोग्राम
स्मैक-4.76 किलोग्राम
अफीम-11 किलोग्राम
गांजा-70 किलोग्राम
डोडा-123 किलोग्राम
नशीली गोलियां-17000(लगभग)
इंजेक्शन-20500
कुल आरोपी-561

साल 2018: ये हुई कार्रवाईयां

International Anti Drugs Day 2018: special story about drugs supplier terror
DRUGS - फोटो : SELF

साल 2018
चरस-45 किलोग्राम
स्मैक-1.40 किलोग्राम
अफीम-700 ग्राम
गांजा-30 किलोग्राम
डोडा-55 किलोग्राम
  कुल आरोपी-302
(साल 2018 की कार्रवाई 15 जून तक की हैं)

पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पहले एकाध बरेली से भी पकड़े गए हैं। अब बड़े सौदागरों पर भी फोकस किया जा रहा है। नशे के विरुद्ध अभियान को अब नई रूपरेखा देकर फिर से शुरू किया जाएगा।
पुष्पक ज्योति, डीआईजी गढ़वाल रेंज

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