फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   inspection on punishment to fat police constable in uttarakhand.

चहेते 'तोंदू' सिपाहियों को बचाने के लिए पुलिस अधिकारी परेशान

Wed, 27 Jan 2016 07:06 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रपुर
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रपुर Updated Wed, 27 Jan 2016 07:06 PM IST
विज्ञापन
inspection on punishment to fat police constable in uttarakhand.

उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में ड्रिल में कुछ अनफिट वर्दीधारियों ने देहरादून तक गोटियां ‘फिट’ कर ली है। देहरादून बैठे आलाधिकारियों ने अपने ‘अनफिट’ वर्दीधारियों को बचाने के लिए तरकीब भी खोज ली है।

विज्ञापन


डीआईजी ने एसओ को पीठ पर लादकर सिपाही को दौड़ाने के मामले में जांच शुरू कर दी है। ऐसे हालात में फोर्स को अनुशासन में रखना कप्तान के लिए भी मुश्किल हो गया है। पुलिस मैनुअल के मुताबिक ड्रिल और सैल्यूट अच्छा पाए जाने पर पुलिस अधिकारी मातहतों को फिटनेस पर इनाम देते हैं। वहीं अनफिट को परेड से दुरुस्त करने का चलन रहा है।
विज्ञापन


नकारा पुलिसकर्मियों को भी अर्दली रूम में दलेल देने का नियम हैं। दलेल में पिट्ठू बनाकर दौड़ाना या रायफल लेकर दौड़ाने का भी नियम है। पुलिस के नियम लगभग हर राज्य में एक ही है, ऐसे में सवाल उठता है कि ऊधमसिंह नगर की स्थिति दूजी कैसे हो सकती है। यहां अपराध को नियंत्रित करने के लिए चुस्त और सजग पुलिसकर्मी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारी भी यदि सुस्त रहा तो ऊधमसिंह नगर में अपराधी ही राज करेंगे। यहां जब कोई कप्तान अनफिट लोगों पर कार्रवाई करता हैं तो देहरादून के आलाकमान बीच में कूद पड़ते हैं। पिछले साल एक थानेदार पर कार्रवाई करने पर ऐसा ही हुआ था। थानेदार आलाकमान का खास था।

नतीजा यह रहा कि एक दरोगा को बचाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर उसका तबादला कर दिया गया। एसएसपी को ‘नीचा’ दिखाने के लिए उसे सम्मानित कराने वालों की सूची में डाला गया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि फोर्स में इस प्रकार के हस्तक्षेप से एक दरार पैदा हो जाती है, जिसे पाटना काफी मुश्किल होगा।

एसएसपी बोले, सिपाहियों को फिट रखने को कराते रहेंगे ड्रिल

inspection on punishment to fat police constable in uttarakhand.

एसओ को पीठ में लादकर सिपाही को दौड़ाने के मामले में जांच शुरू हो गई है। डीजीपी के आदेश पर डीआईजी ने एसएसपी सहित दरोगा और सिपाहियों के बयान दर्ज किए। उन्होंने बयानों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर डीजीपी को सौंपने की बात कही है।

रविवार को पुलिस लाइन में एसएसपी केवल खुराना ने वजन नहीं घटाने वाले सिपाही को एसओ को कंधे में लादकर दौड़ाया था। मामला तूल पकड़ने के बाद डीजीपी के पास पहुंच गया था। डीजीपी के निर्देश पर सोमवार को डीआईजी पुष्कर सिंह सैलाल ने 31वीं वाहिनी पीएसी के विश्रामगृह में घटनास्थल पर मौजूद अधिकारी, दरोगा और सिपाहियों के बयान दर्ज किए।

डीआईजी सैलाल ने बताया कि एएसपी, सीओ, दरोगा और सिपाहियों के अलावा एसएसपी से भी बयान ले लिए गए हैं। बयानों के आधार पर रिपोर्ट बनाकर डीजीपी को भेजी जाएगी। उधर, एसएसपी केवल खुराना ने कहा कि आपदा, आतंकवादी घटनाओं और दुर्घटनाओं के मद्देनजर दरोगा और सिपाहियों को फिट रखने के लिए भविष्य में भी ड्रिल करवाते रहेंगे।

उनका मकसद सिपाहियों को उस लेवल तक पहुंचाना है, जहां वे दुर्घटनाएं या अन्य गंभीर परिस्थितियों में जरूरत पड़ने पर जनता का बचाव कर सकें। कहीं ऐसा न हो कि जनता को जनता को पुलिस से काफी अपेक्षाएं हैं। अगर कोई जांच हो रही है तो चीजें सबके सामने आ जाएंगी।

...जब पत्रकारों पर भड़के डीआईजी
पुलिस लाइन में जांच करने पहुंचे डीआईजी पुष्कर सिंह सैलाल अचानक पत्रकारों पर बरस पड़े। हुआ यूं कि जांच के सिलसिले में आए डीआईजी बंद कमरे में एएसपी और सीओ से गुफ्तगू कर रहे थे। इसी बीच कुछ मीडियाकर्मी वहां पहुंच गए। उन्होंने जांच के बारे में जानकारी लेनी चाही तो डीआईजी गर्म हो गए। उन्होंने कहा कि वे विभागीय कार्य से आए हैं। क्या वे एकांत में अधिकारियों से भी बात नहीं कर सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed