पिथौरागढ़: पाकिस्तानी झंडे वाले रुमाल का सच आया सामने
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जांच अधिकारियों ने रविवार को सिनलेख की एक दुकान में मिले रुमाल में पाकिस्तान का झंडा बना होने से इंकार किया है। उनका कहना है कि रुमाल साधारण है।
रुमाल में पाकिस्तान का झंडा बना होने की सूचना के बाद तहसीलदार डिगर सिंह महरा और थानाध्यक्ष केएस नेगी को मौके पर जांच के लिए भेजा गया था। मौके से लौटकर दोनों अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है।
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि रविवार को दोपहर करीब 1.30 बजे सिनलेख में देब सिंह की दुकान से हयात सिंह पुत्र ठाकुर सिंह ने दो रुमाल खरीदे। रुमाल में चारों तरफ चांद-तारे बने हुए थे। रुमाल पर सुनखोला के पूर्व प्रधान ठाकुर सिंह की नजर पड़ी तो उन्होंने रुमाल में पाकिस्तान का झंडा बना होने की बात कहकर वाट्सऐप में फोटो मीडिया को रिलीज कर दी।
यह पाकिस्तानी झंडा नहीं रुमाल है: एसपी
एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि मौके पर की गई जांच में सामने आया कि रुमाल में झंडे नहीं बल्कि चांद-तारे बने हुए हैं। जांच में सामने आया है कि सिनलेख के व्यापारी ने रुमाल गंगोलीहाट के व्यापारी किशोर भट्ट से खरीदे थे।
गंगोलीहाट के व्यापारी के वहां यह रुमाल पिथौरागढ़ के रानी बैंगल्स के यहां से आए थे। कहा गया है कि पूर्व प्रधान ने अज्ञानतावश ऐसी सूचना दी, उसके पीछे उनकी धार्मिक उन्माद भड़काने की कोई मंशा नहीं थी।
एसपी ने बताया गलत
पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा ने कहा है कि रुमाल 45 गुणा 45 सेंटीमीटर आकार का है। ऐसे रुमाल अक्सर प्रचलन में आते रहते हैं। रुमाल की जांच कर दी गई है। यह साधारण रुमाल है। झंडा होने की बात पूरी तरह गलत है।