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झुंड से बिछड़ी घायल हथिनी अब जंगलों में भटक रही
ब्यूरो/ अमर उजाला, नैनीताल)
Updated Mon, 20 Nov 2017 03:32 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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झुंड से बिछड़ी घायल हथिनी इस दिनों कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) और तराई पश्चिमी वन प्रभाग के सीमावर्ती जंगलों में घूम रही है।
कई बार वह जंगल से बाहर गांव तक पहुंचने लगी है। वह लोगों पर हमला भी कर सकती है। इसलिए ग्रामीणों से इन क्षेत्रों में सावधानी बरतने को कहा गया है। वनकर्मियों ने घायल हथिनी का प्राथमिक उपचार, निगरानी शुरू कर दी है।
सीटीआर के निदेशक सुरेंद्र मेहरा ने बताया कि घायल हथिनी कार्बेट पार्क के झिरना, ढेला समेत तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फांटो, आमपोखरा रेंज में घूम रही है। इसके पेट में घाव हैं। उसमें कीड़े पड़े हैं। इस कारण वह काफी कमजोर हो गई है।
रविवार को जंगल में लेटी थी। उसके उपचार के लिए डॉक्टरों की तलाश की गई लेकिन कोई नहीं मिल सका। इसलिए वनकर्मी स्वयं प्राथमिक उपचार में जुट गए। हाथी को 10 किलो गुड़, 20 लीटर पानी जग से पिलाया गया।
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रस्सियों के सहारे से उसे बैठाया गया। बैठने के कुछ घंटों बाद हथिनी जंगल की ओर चली गई। इस पर दोनों प्रभाग के वनकर्मी नजर रख रहे हैं। निदेशक मेहरा ने बताया कि जब कोई बीमार हाथी स्वस्थ नहीं हो पाता तो हाथी उसे अपने झुंड से निकाल देते हैं। इस घायल हथिनी के साथ भी शायद ऐसा ही हुआ।
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कई बार वह जंगल से बाहर गांव तक पहुंचने लगी है। वह लोगों पर हमला भी कर सकती है। इसलिए ग्रामीणों से इन क्षेत्रों में सावधानी बरतने को कहा गया है। वनकर्मियों ने घायल हथिनी का प्राथमिक उपचार, निगरानी शुरू कर दी है।
सीटीआर के निदेशक सुरेंद्र मेहरा ने बताया कि घायल हथिनी कार्बेट पार्क के झिरना, ढेला समेत तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फांटो, आमपोखरा रेंज में घूम रही है। इसके पेट में घाव हैं। उसमें कीड़े पड़े हैं। इस कारण वह काफी कमजोर हो गई है।
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रविवार को जंगल में लेटी थी। उसके उपचार के लिए डॉक्टरों की तलाश की गई लेकिन कोई नहीं मिल सका। इसलिए वनकर्मी स्वयं प्राथमिक उपचार में जुट गए। हाथी को 10 किलो गुड़, 20 लीटर पानी जग से पिलाया गया।
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रस्सियों के सहारे से उसे बैठाया गया। बैठने के कुछ घंटों बाद हथिनी जंगल की ओर चली गई। इस पर दोनों प्रभाग के वनकर्मी नजर रख रहे हैं। निदेशक मेहरा ने बताया कि जब कोई बीमार हाथी स्वस्थ नहीं हो पाता तो हाथी उसे अपने झुंड से निकाल देते हैं। इस घायल हथिनी के साथ भी शायद ऐसा ही हुआ।