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Uttarakhand: मोबाइल एप से दे सकेंगे जंगल में आग की सूचना, पांच हजार स्वयं सेवकों को जोड़ा जाएगा
Thu, 19 Sep 2024 11:04 AM IST
रेनू सकलानी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Thu, 19 Sep 2024 11:04 AM IST
सार
मोबाइल एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति सूचना भेज सकता है। इससे वनाग्नि नियंत्रण के काम में मदद मिलेगी।
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जंगल में लगी आग।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
आगामी फायर सीजन में वनों में आग की घटनाओं पर रोकथाम को लेकर जंगलात अभी से जुटा है। वन मुख्यालय में वनाग्नि नियंत्रण को लेकर हुई बैठक में अधिकारियों ने मोबाइल एप और डैश बोर्ड का इस्तेमाल के संबंध में एक प्रस्तुतिकरण दिया।
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प्रमुख वन संरक्षक धनंजय मोहन ने कहा कि जंगल की आग की रियल टाइम सूचना के लिए आधुनिक माध्यमों का प्रयोग किया जाएगा। इस मोबाइल एप के माध्यम से पांच हजार वन कर्मियों और पांच हजार स्वयं सेवकों को जोड़ा जाएगा। इस एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति सूचना भेज सकता है। इससे वनाग्नि नियंत्रण के काम में मदद मिलेगी।
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अपर प्रमुख वन संरक्षक निशांत वर्मा ने बताया कि इसके माध्यम से कितनी आग की घटनाएं हैं, उसे बुझाने का रिस्पांस टाइम कितना रहा है समेत अन्य जानकारी मिल जाएगी। इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। बैठक में सीसीएफ गढ़वाल नरेश कुमार, डीएफओ वैभव कुमार सिंह आदि मौजूद थे।